अब अयोध्या के लिए राम मंदिर सिर्फ भावनात्मक मुद्दा नहीं इससे बढ़कर है

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लंबे समय से जिस राम मंदिर भूमि पूजन का इंतजार किया जा रहा था वह अब पूर्ण हो चुका है और अब बस मंदिर बनकर तैयार होने का इंतजार है। अयोध्या में अब युवा नए कल का इंतजार कर रहे हैं।

अयोध्या में अब युवा भावना के सागर से आगे बढ़कर काफी व्यवहारिक हो गए हैं और पुरानी पीढ़ियों से बहुत अलग हटकर राम मंदिर के मुद्दे पर बात करते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य गणमान्य लोगों ने भूमि पूजन समारोह पूरा किया और बुधवार को मंदिर का शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या का पूरा चेहरा ही बदल जाएगा और विकास यहां आएगा। उन्होंने अपने भाषण में कहा था कि राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण से दुनिया भर के लोग आकर्षित होंगे और इस क्षेत्र में आर्थिक विकास होगा। उन्होंने कहा था कि एक ‘राम सर्किट’ बनाया जा रहा है, जो क्षेत्र में समग्र विकास को जोड़ेगा। अयोध्या के युवा पीएम मोदी के ऐलान पर बहुत खुश हैं और इसे बेहतर कल, अधिक नौकरी के अवसरों और वेतन में वृद्धि के रूप में देख रहे हैं।

अधिक नौकरियां, बेहतर वेतन

अयोध्या के निवासी परमेश्वर ने एक टीवी चैनल को कहा, “मैं बाबरी मस्जिद मुद्दे के बारे में ज्यादा नहीं जानता, लेकिन मुझे खुशी है कि मंदिर का निर्माण किया जा रहा है, क्योंकि इससे अयोध्या में रोजगार सृजन होगा। मेरे पिता एक ठेकेदार हैं और इससे उनके लिए और अधिक अवसर पैदा होंगे।”

अयोध्या में युवाओं का कहना है कि उनके गृह शहर में उनके लिए नौकरी के कोई अवसर नहीं है। इसके लिए उन्हें अयोध्या से बाहर जाना होता है अगर अयोध्या में राम मंदिर बनता है तो उम्मीद है कि यहां चीजें बदल जाएंगी और रोजगार घर के पास ही मिल जाएगा। युवाओं को मिल जाएगी अयोध्या में पर्यटन बढ़ेगा और नए अवसर पैदा होंगे। युवाओं का कहना है कि उनको उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाना पड़ता है लेकिन अब उम्मीद है कि स्थितियां बदलेगी। थोड़ा बहुत रोजगार भी है तो वेतन बहुत कम मिलता है। युवा को उम्मीद है कि काम बड़ेगा तो वेतन भी पड़ेगा।