असम में चुनाव अब बीजेपी के लिए एकतरफा नहीं रहा

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असम में भारतीय जनता पार्टी काफी मजबूत दिख रही थी लेकिन चुनावों से ठीक पहले कांग्रेसग् के 10 दलों के साथ गठबंधन ने उसे कड़ी चुनौती दे दी है और लोग कांग्रेस के वादों पर भी सोच विचार कर रहे हैं। इस वजह से चुनाव काफी दिलचस्प हो गया है।

कांग्रेस हाउसवाइफ को देंगी 2 हजार महीना

कांग्रेस ने गृहणियों को हर महीने ₹2000 देने का वादा किया है।

मुफ्त बिजली और चाय के बागान के श्रमिकों को हर रोज ₹365 का पारिश्रमिक देने का वादा भी किया है।

महिलाओं के अलावा युवाओं को 5 लाख रोजगार देने का वादा किया गया है।

लोगों में इन बातों को लेकर काफी चर्चा सुनने को मिली।

बीजेपी 30 लाख परिवार को 3 हजार महीना

उधर बीजेपी ने 30 लाख परिवारों को अरुणोदय प्रोग्राम के तहत हर महीने ₹3000 देने का वादा किया है।

आठवीं क्लास से ऊपर की छात्राओं को साइकिल देने का वादा किया गया है। वादा किया गया है कि 2 लाख सरकारी नौकरियां और 8 लाख रोजगार के मौके उपलब्ध कराए जाएंगे।

भाजपा ने अपने 5 साल के कार्यकाल में प्रदेश में सड़कें बनाने और मेडिकल कॉलेज खोलने जैसे कई बड़े काम की हैं जिसे लेकर लोग काफी खुश हैं लेकिन बहुत से लोग महंगाई की भी बात कर रहे हैं और इसके लिए असम की भाजपा सरकार और मोदी की केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

पेट्रोल और डीजल के दाम की वजह से सब्जियां बहुत महंगी हो गई हैं इसकी वजह से भी लोग परेशान हैं। वही भाजपा के कई समर्थक माने जाने वाले लोग चाहते हैं कि इस बार मुख्यमंत्री हेमंत शरमा बने इसे लेकर भी काफी चर्चा है।

वही मुसलमान एकजुट होकर कांग्रेस को समर्थन देने की संभावना ज्यादा बन रही है क्योंकि कांग्रेस ने अजमल की पार्टी एआईयूडीएफ के साथ गठबंधन कर लिया है इस वजह से भी भाजपा के लिए अब चुनाव एकतरफा नहीं रह गए हैं। नतीजे कुछ भी हो सकते हैं।