आयुष्मान भारत और अन्य सभी स्वास्थ्य योजनाओं को डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के साथ किया जाएगा एकीकृत

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लाभार्थियों को यूनिक स्वास्थ्य आईडी जारी किए जाएंगे

नई दिल्ली। आयुष्मान भारत और तपेदिक योजनाओं जैसी सभी प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य कार्यक्रमों को राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन (एनडीएचएम) के साथ एकीकृत करना होगा। इसके बाद इन कार्यक्रमों के लाभार्थियों को यूनिक स्वास्थ्य आईडी जारी किए जाएंगे।

एनडीएचएम मिशन अपने पहले चरण में, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, लक्षद्वीप, लद्दाख और पुदुचेरी में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू होगा।

मूल योजना 15 अगस्त से पहले मिशन को चलाने की थी। लेकिन सूत्रों ने कहा कि इसमें अब थोड़ा विलंब हो गया है और इसे महीने के अंत तक शुरू किया जाएगा।

सूत्रों ने कहा कि ऐसी अटकलें हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने 15 अगस्त के भाषण में मिशन की घोषणा कर सकते हैं। हालांकि इसकी अभी पुष्टि भी नहीं हुई है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के नेतृत्व में 144 करोड़ रुपये के एनडीएचएम प्रोजेक्ट में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए डिजिटल इकोसिस्टम बनाने का लक्ष्य है जिसमें लाभार्थियों की व्यक्तिगत डिजिटल स्वास्थ्य आईडी बनाई जाएगी। डॉक्टरों और स्वास्थ्य सेवा के लिए विशिष्ट पहचान की व्यवस्था की जाएगी और योजना के तहत लाभ लेने वाले लोगों के व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड तैयार किए जाएंगे।

NDHM प्रोजेक्ट में कहा गया है ” सभी सरकारी स्वास्थ्य कार्यक्रमों को एनडीएचएम सेवा के साथ एकीकृत किया जाएगा और कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य आईडी जारी की जाएगी।

इस कार्यक्रम के तहत आरसीएच (प्रजनन और बाल स्वास्थ्य), NIKSHAY (टीबी रिपोर्टिंग पोर्टल), एनसीडी (गैर-संचारी रोगों), पीएम JAY (आयुष्मान भारत) योजना शमिल होगी।
लाभार्थी को एक स्वास्थ आईडी यानी हेल्थ आईडी दी जाएगी। योजना के तहत आने वाले लाभार्थियों का पूरा हेल्थ रिकॉर्ड रखा जाएगा।

हालांकि एक स्वास्थ्य आईडी प्राप्त करने का मतलब योजनाओं के तहत सभी लाभों को शामिल करने से नहीं होगा। “पीएम-जेएवाई जैसी विशिष्ट योजना के लिए पात्रता को सत्यापित किया जाएगा और संबंधित स्वास्थ्य आईडी से जोड़ा जाएगा। सभी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के साथ-साथ लाभ के लिंकेज के लिए स्वास्थ्य आईडी को अपनाने और जोड़ने की उम्मीद है।

आधार से लिंक होने के लिए स्वास्थ्य आईडी का एक विकल्प होगा, लेकिन यह तब तक अनिवार्य नहीं होगा जब तक व्यक्ति किसी भी सरकारी सब्सिडी योजनाओं का लाभ लेना नहीं चाहता है।