ओटीटी प्रोग्राम में गालियों की बौछार पर लगाम, बच्चे सीधा नहीं देख पाएंगे एडल्ट प्रोग्राम

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सोशल मीडिया और नेटफ्लिक्स अमेज़न प्राइम जैसे ओटीटी प्लेटफार्म पर दिखाए जाने वाले कार्यक्रमों को लेकर मोदी सरकार ने जो नई गाइडलाइन बनाई है उसे लेकर माना जा रहा है कि इससे इन प्लेटफार्म पर दिखाई जाने वाली फिल्में और वेब सीरीज पर पेश होने वाली गालियां और भद्दे मजाक पर लगाम कर सकेगी साथी अब एडल्ट प्रोग्राम को बच्चे सीधा नहीं देख पाएंगे।

हालांकि अभी यह नियम का ऐलान कल ही हुआ है और इसको लागू करने में समय लगेगा सरकार ने ओटीटी प्लेटफॉर्म को 3 महीने का समय दिया है यानी मई तक यह नियम लागू किए जा सकते हैं लेकिन देखना होगा कि सरकार किस तरह से कंटेंट की निगरानी करेगी और ओटीटी प्लेटफॉर्म कितना इन नियमों को मानते हैं।

अमेजॉन प्राइम वीडियो का एक विज्ञापन है जिसमें कुछ किशोर टीनएजर चुपके से मिर्जापुर नाम की वेब सीरीज स्कोर देखते हैं दरअसल यह वेब सीरीज में गालियां और कई सेक्स सीन है। इस विज्ञापन को देख कर तो लगता है कि अमेज़न प्राइम बच्चों और टीनएजर्स को एडल्ट कार्यक्रम देखने के लिए प्रमोट कर रहा है।

केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने आज एक निजी टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में बताया कि कुछ दिन पहले वह एक वेब सीरीज देख रहे थे तो उसमें एक किरदार गालियां पर गालियां दे रहा था और यहां तक कि 5 साल की बच्ची को भी वह गालियां दे रहा था।

उन्होंने कहा कि इस तरह की चीजों को फिक्स किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह सेंसर की बात नहीं कर रहे हैं लेकिन इन चीजों को दुरुस्त किया जाएगा ।उन्होंने कहा कि जिस तरीके से सिनेमाघरों में एडल्ट फिल्में बच्चों और किशोरों के लिए उपयुक्त नहीं है वैसे ही इन प्लेटफार्म पर भी ऐसा मैकेनिज्म तैयार करना पड़ेगा ताकि बच्चे और किशोर सीधे एडल्ट कार्यक्रम ना देख सके।

जावड़ेकर ने कहा कि हम यह नहीं कह रहे कि ओटीटी प्लेटफॉर्म को एडल्ट कार्यक्रमों के लिए सेंसर बोर्ड का सर्टिफिकेट चाहिए लेकिन इसे किसी ना किसी तरह से ठीक करने की कोशिश हो रही है।

नेटफ्लिक्स में अभी कुछ दिन पहले फिल्म अभिनेत्री काजोल की एक फिल्म त्रिभंग रिलीज हुई है जिसमें वह कई सीन में गालियां दे रही हैं। इसके अलावा उल्लू, अल्ट समेत कई प्लेटफार्म पर सेक्स परोसा जा रहा है
कई कार्यक्रमों में तो महिलाओं के शरीर को बिना छुपाए सेक्स के दृश्य दिखाए जाते हैं। एक कार्यक्रम गंदी बात नाम का है जिसमें सेक्स संबंधित कहानियां दिखाई जाती हैं और उसमें सेक्स के दृश्यों की भरमार है। इन कार्यक्रमों को देखने वालों की संख्या भी बहुत ज्यादा है और मोबाइल टीवी टैब लैपटॉप आदि पर यह उपलब्ध होने की वजह से भी इसको कोई भी कहीं भी देख सकते हैं लेकिन दिक्कत तब है कि जब इसके एडल्ट्स कार्यक्रमों को बच्चे भी देख सकते हैं। सरकार का यही कहना है कि जिस तरह से सिनेमाघरों में बच्चों और किशोरों पर एडल्ट फिल्में देखने पर रोक है उसी तरह ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी कुछ इस तरह का सिस्टम बनाना चाहिए जिससे बच्चे और किशोर देख नहीं सके। सरकार ने पैरेंटल कंट्रोल की सुविधा देने की बात की है ताकि एडल्ट कंटेंट पर कंट्रोल हो। यानी ओटीटी कंपनियां इस तरह का सिस्टम बनाएं जिसमें जो भी एडल्ट कार्यक्रम देखना चाहे उसे सबसे पहले अपनी उम्र साबित करनी पड़ेगी और फिर पासवर्ड डालना होगा उसके बाद ही उसको वह कंटेंट देखने को मिलेगा।