कांग्रेस ने राजीव त्यागी की मौत के लिए ‘जहरीली’ टीवी बहस पर साधा निशाना, कई कांग्रेस नेताओं ने साम्बित पात्रा की गिरफ्तारी की मांग की

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एक टीवी न्यूज़ चैनल में राजनीतिक बहस के एक कार्यक्रम में भाग लेने के तुरंत बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव त्यागी की अचानक मौत के बाद एक और बहस छिड़ गई है। चैनलों में बहस के दौरान तू तू मैं मैं, चीखना चिल्लाना और एक दूसरे को गरियाने जैसे तमाशे पर सवाल खड़े हो गए हैं। कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने टीवी डिबेट को घातककारी कहा है।

पार्टी के कई नेताओं ने यहां तक की भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा पर त्यागी के खिलाफ
‘ नीच ‘ भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए उनकी गिरफ्तारी की मांग तक कर डाली है।

मौत से पहले त्यागी आखिरी बार शाम 5:00 बजे आज तक टीवी न्यूज़ चैनल पर चल रही एक राजनीतिक डिबेट में हिस्सा लेते हुए दिखाई दिए थे। यह राजनीतिक डिबेट बेंगलुरु में हुई हिंसा के मुद्दे पर थी जिसमें संबित पात्रा भी हिस्सा ले रहे थे।

गाजियाबाद के यशोदा अस्पताल जहां त्यागी को परिवार द्वारा ले जाया गया वहां के डॉक्टरों ने कहा कि टीवी बहस के दौरान त्यागी को दिल का दौरा पड़ा और उनका निधन हो गया।

अस्पताल के आपातकालीन प्रमुख डॉ पदम सिंह पाल ने कहा, “राजीव त्यागी अपने घर से एक लाइव टीवी डिबेट में भाग ले रहे थे। अचानक, वह गिर गए। उसके परिवार के सदस्यों ने उसे बेहोश देखा और उसे बुधवार शाम करीब 6.30 बजे अस्पताल लाया गया। वह कोई जवाब नहीं दे रहे था। उनकी नाड़ी नहीं चल रही थी। 45 मिनट के उपचार के बाद हमने उन्हें मृत घोषित कर दिया। ”

अस्पताल के मुख्य परिचालन अधिकारी डॉ सुनील डागर ने बताया कि त्यागी किसी पुरानी बीमारी से पीड़ित नहीं थे, उन्हें कोलेस्ट्रॉल की समस्या थी।

डॉक्टर ने बताया, “जैसा कि परिवार द्वारा हमें बताया गया था, उन्हें कुछ कोलेस्ट्रॉल और बीपी की दिक्कत थी, जिसके लिए वह दवाएँ लेते थे।”

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और राज्यसभा सांसद अहमद पटेल ने टीवी चैनल के संपादकों और एंकरों से पूछा कि वे इस बात को लेकर आत्मविश्लेषण करें कि कैसे समाचारों के स्तर को ” घातक गतिविधि” के रूप में घटा दिया गया है।

अहमद पटेल ने ट्वीट में लिखा है, “यह समय की मांग है कि टीवी चैनल के मालिक, संपादक और एंकर इस बात पर आत्मनिरीक्षण करें कि कैसे इस इंडस्ट्री में कुछ लोगों ने समाचार बहस को एक व्यर्थ, जहरीली और संभावित घातक गतिविधि के रूप में घटा दिया है। कई बार शब्दों का गोलियों की तरह ही प्रभाव हो सकता है। “

जिस टीवी चैनल के राजनीतिक वाद विवाद कार्यक्रम में राजीव त्यागी ने हिस्सा लिया था उसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है जिसमें पात्रा यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं, “टीका लगाने से कोई सच्चा हिंदू नहीं बन जाता है टीका लगाना है ना तो दिल में लगा टीका और हिम्मत है तो कहो किसने घर जलाया है।”

कांग्रेस के नेताओं ने भाजपा और टीवी न्यूज एंकर को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। कांग्रेस के एक नेता गौरव बल्लभ ने कहा है कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के कुछ चैनल कांग्रेस के नेताओं को बोलने नहीं देते और सत्ताधारी पार्टी के प्रवक्ताओं को बोलने दिया जाता है और उन्हें कांग्रेस के खिलाफ आग उगलने का पूरा मौका दिया जाता है। कांग्रेस के कई लोग टीवी डिबेट का बहिष्कार करने की भी बात कर रहे हैं।

उधर बीजेपी के प्रवक्ता सुधांशु मित्तल ने कहा कि त्यागी की मौत को टीवी बहस से जोड़ना
” पूर्वाग्रह से ग्रस्त ” है।

उन्होंने कहा, “मैं व्यक्तिगत रूप से बहुत लंबे समय से राजीव को जानता हूं और उनके साथ असंख्य बहसें करता रहा हूं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उनकी मृत्यु का इस तरह से राजनीतिकरण किया जा रहा है। जहरीली बहस हर तरफ से चलती है और कई कांग्रेस के लोग भी इसके लिए दोषी हैं। किसी बहस को राजीव की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराना निरर्थक है। ”

अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की महासचिव और तेलंगाना के एक विधायक दंसारी अनसूया ने निधन पर त्यागी की एक तस्वीर ट्वीट की, और ट्वीट में हैशटैग#ArrestSambitPatra का लिखा। कुछ और नेताओं ने भी संबित पात्रा की गिरफ्तारी की मांग की है।

टीवी टुडे के संपादक और न्यूज़ एंकर राजदीप सरदेसाई ने कहा कि रोजाना आने वाले ध्रुवीकृत टीवी डिबेट जिसमे निजी हमलों को बढ़ावा दिया जाता है जो कि एंकर और इसमें हिस्सा लेने वाले दोनों के स्वास्थ्य के लिए घातक है। शोर से ऊपर उठकर खबर होनी चाहिए, यह हमें सबको सीखना चाहिए।

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