कोरोना काल में मुंबई को साइक्लोन निसर्ग का ख़तरा! कैसे निपटेगें मुंबई वासी!

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कोरोना वायरस से जूझ रहे मुंबई को अब साइक्लोन निसर्ग के ख़तरे का सामना करना पड़ रहा है. चक्रवाती तूफान निसर्ग महाराष्ट्र और गुजरात के तटों की ओर तेजी से बढ़ रहा है और आज दोपहर में मुंबई से 100 किलोमीटर दूर अलीबाग में तट से यह तूफान टकराएगा. इस दौरान, 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. इससे भूस्खलन की भी आशंका है. हवाओं के बारे में जो अनुमान पहले लगाया गया था कि तूफ़ान की वजह से 85-95 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ़्तार से हवाएं चलेंगी, उनकी रफ़्तार अब बढ़ती नज़र आ रही है. तूफ़ान के मद्देनज़र एनडीआरएफ़ की कई टीमें महाराष्ट्र के अलग-अलग इलाक़ों में तैनात की गई हैं. मौसम विभाग का कहना है कि 12 घंटे में चक्रवाती तूफान निसर्ग एक विकराल चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा. एहतियात बरतते हुए 10,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है.
कोरोना संकट के बीच एनडीआरएफ़ की आठ टीमें मुंबई में हैं, पाँच टीमें रायगढ़ में हैं, दो-दो टीमें पालघर, थाणे और रतनागिरी में भेजी गई हैं. भारतीय वायु सेना के अनुसार, एनडीआरएफ़ की पाँच टीमों को विजयवाड़ा से भारतीय वायु सेना के विमान में एयरलिफ़्ट करके मुंबई लाया गया है.”महाराष्ट्र और गुजरात के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले क़रीब 60 फ़ीसद लोग अन्य स्थानों पर चले गए हैं. बाकी बचे हुए लोगों को राहत शिविरों में रखा गया है.
भारतीय मौसम विभाग ने बुधवार सुबह 5 बजे जो बुलेटिन जारी किया था, उसके अनुसार तूफ़ान 11 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ़्तार से उत्तरी महाराष्ट्र की तरफ बढ़ रहा है. बीती रात ढाई बजे तक यह तूफ़ान मुंबई से 250 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में था.
सुत्रों के मुताबिक, दो करोड़ की आबादी वाले मुंबई शहर में सड़कें खाली दिख रही हैं और कोविड-19 के प्रकोप से लड़ रहे इस शहर के लिए यह तूफ़ान एक बड़ी चुनौती बन कर सामने आया है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक़ मुंबई के अस्थायी अस्पतालों में भर्ती 150 कोविड-19 के मरीज़ों को भी तूफ़ान से डर से शिफ़्ट किया गया है.
इसे देखते हुए मध्य रेलवे ने कई स्पेशल ट्रेनों का समय बदला है. ये ट्रेनें या तो आज मुंबई पहुंचने वाली थी या फिर आज वहां से रवाना होने वाली थी. मध्य रेलवे के अनुसार, गोरखपुर, दरभंगा, वाराणसी और कुछ दूसरी जगहों पर जाने वाली रेलगाड़ियों का समय बदला गया है. जो स्पेशल ट्रेनें बुधवार को मुबंई पहुंचने वाली थीं, उनका रूट और समय बदला गया है.

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोन निसर्ग महाराष्ट्र के उत्तरी तट की तरफ़ बढ़ रहा है.
इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी से बात की और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया है.
मामले से जुड़ी अहम जानकारियां :

  1. मौसम विभाग के मुताबिक बीती एक सदी में ये पहला चक्रवाती तूफ़ान (Cyclone Nisarga) है जो महाराष्ट्र के तट से टकराएगा. इससे पहले 1948 और 1980 में दो बार चक्रवाती तूफ़ान उठा था लेकिन वो तट से नहीं टकराया, समुद्र में ही कमज़ोर पड़ गया. अरब सागर में हवा के कम दबाव से बना चक्रवाती तूफान निसर्ग के 3 जून की दोपहर महाराष्ट्र और गुजरात के तटीय इलाकों में पहुँचने का अनुमान है. इसके लिए मुम्बई सहित सभी तटीय इलाकों में प्रशासन सतर्क है.
  2. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने चक्रवात निसर्ग को देखते हुए लोगों से अगले दो दिनों तक घरों में रहने की अपील की है. उन्होंने कहा कि अगले दो दिनों तक भारी बारिश की आशंका है. उन्होंने लोगों से अपील की है कि अपनी दवाएं अपने पास रखें, बैटरी को चार्ज करके रखें क्योंकि कहीं-कहीं बिजली काटनी पड़ सकती है.
  3. इसके असर से मुम्बई, ठाणे, पालघर में तेज बारिश होगी. महाराष्ट्र के 750 किलोमीटर लंबे समुद्र किनारे के सभी ज़िलों में एनडीआरएफ की टीम की तैनाती कर दी गई है. इसके अलावा, पांच अतिरिक्त टीमें भी बुलाई गई हैं. महाराष्ट्र और गुजरात के तटीय इलाकों समेत अन्य जगहों पर एनडीआरएफ की 30 से ज्यादा टीमें तैनात की गई हैं. एक टीम में 45 लोग हैं.
  4. अनुमान है कि 3 जून की दोपहर निसर्ग दमन और रायगढ़ जिले में अलीबाग के पास हरिहरेश्वर तट को पार करेगा. इस दौरान तूफ़ानी हवाओं के साथ तेज़ बारिश होने की चेतावनी दी गई. मुम्बई सहित सभी तटीय इलाकों में प्रशासन सतर्क है. कच्चे मकान में रहने वालों को सुरक्षित जगहं पर ले जाने का अभियान तेज कर दिया गया है.
  5. साइक्‍लोन निसर्ग के चलते मुंबई, इसके उपनगर और पड़ोसी जिले ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग को हाईअलर्ट पर रखा गया है. मछुआरों को समंदर से वापस बुलाया गया है. मछुआरों के समंदर में जाने पर रोक लगाई गई है. समंदर में करीब छह फीट ऊंची लहरें उठ सकती हैं.