कोरोना के भारी संकट के बीच आरबीआई ने दी बड़ी राहत – सभी तरह के कर्ज ब्याज में छूट, क्या हैं जाने!

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पूरी दुनिया के साथ-साथ भारत में भी कोरोना का कहर जारी है। कोरोना से न सिर्फ मौतें हो रही हैं, बल्कि इसका असर अर्थव्यवस्था पर भी देखने को मिल रहा है। जिसके कारण वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को 1.70 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज का ऐलान किया जिससे गरीब, मजदूरों, महिलाओं पर कोरोना के असर को थोड़ा कम किया जा सके।
इसी के साथ रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने भी आज शुक्रवार को बड़ी राहत दी है। कोरोना वायरस के घोर संकट की घड़ी में आरबीआई ने दी सभी तरह के कर्ज ब्याज में छूट देने की घोषणा की है। आरबीआई ने कर्ज देने वाले सभी वित्तीय संस्थानों को सावधिक कर्ज की किस्तों की वसूली पर तीन महीने तक रोक की छूट दे दी है। कार्यशील पूंजी पर ब्याज भुगतान को टाले जाने को चूक नहीं माना जाएगा, इससे कर्जदार की रेटिंग (क्रेडिट हिस्ट्री) पर भी असर नहीं पड़ेगा साथ ही बैंकों को ईएमआई पर भी छूट देने की सलाह की है, जिसके बाद बैंक ग्राहकों के लिए जल्द ही ऐलान कर सकते हैं। इसकी जानकारी आरबीआई के गवर्नर शशिकांत दास ने दी है।

इसके अलावा, आज रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने रेपो रेट में 75 बेसिस प्वाइंट की कटौती की है और इसे 5.15 से घटाकर 4.45 कर दिया गया है। वहीं, जानकारी के मुताबिक, आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि रिवर्स रेपो रेट में 90 बेसिस प्वाइंट की कटौती की गई है। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि मौद्रिक नीति समिति के चार सदस्यों ने रेपो दर में कटौती के पक्ष में जबकि दो ने विरोध मे मतदान किया। उन्होंने कहा कि आरबीआई की स्थिति पर कड़ी नजर है और नकदी बढ़ाने के लिए हर कदम उठाये जाएंगे। आरबीआई ने सीआरआर में 100 बेसिस प्वाइंट की कटौती की है। इसके बाद यह तीन फीसदी पर आ गया है। उन्होंने कहा कि कच्चे तेल के दाम और मांग में कमी से मुख्य (कोर) मुद्रास्फीति कम होगी। उन्होंने कहा, ‘मौद्रिक नीति समिति के चार सदस्यों ने रेपो दर में कटौती के पक्ष में जबकि दो ने विरोध मे मतदान किया।’