कोरोना ने बदल दी इस बार की दिवाली

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भारत के कुछ हिस्सों में इस त्योहारी मौसम में लोग कोरोना महामारी की हकीकत को समझते हुए गिफ्ट हैंपर्स में हैंड सैनिटाइजर्स भी दे रहे हैं।

ऐसे मौके पर मिलने जुलने की कवायद से भी लोग दूरी बना रहे हैं और गिफ्ट देने के भी विकल्पों की तरफ मुड़ रहे हैं

बहुत सारे व्यापारियों के लिए इस बार की दिवाली बड़ा मुश्किल समय है क्योंकि त्योहारों के मौसम में ग्राहकों की काफी संख्या खरीददारी के लिए आती है।

महामारी के बीच इस बार की दिवाली पूरे भारत में लोगों के लिए अलग तरह की होगी.

दिल्ली-एनसीआर के लोग पटाखों पर लगने वाले बैन से परिचित हैं लेकिन इस बार कोविड मरीजों की सुविधा को देखते हुए कई राज्यों ने पटाखों पर बैन लगाया है. इस कदम ने पटाखे बेचने वालों के लिए एक नई मुसीबत खड़ी कर दी है।

कई लोगो ने बताया अपने दोस्तों-परिवार के साथ दिवाली वीडियो कॉल्स के जरिए मनाएंगे. वहीं बहुत सारे लोग खरीददारी के पुराने तरीकों को छोड़कर ऑनलाइन शॉपिंग की तरफ बढ़ने के लिए कह रहे हैं।

एक ऐसे साल में जिसने पूरी दुनिया में अव्यवस्था पैदा कर दी है, कई कहानियां निकल कर सामने आईं जो हृदय विदारक भी है.

सिर्फ और सिर्फ नुकसान

हरियाणा में पटाखों के व्यापारी अजीत मोहन ने कहा कि पिछले कुछ सालों के मुकाबले बिक्री में कमी आई है. बहुत सारे लोग दिवाली में पटाखे नहीं जलाना चाहते ताकि प्रदूषण न हो क्योंकि इसकी वजह से उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में काफी परेशानी आती है.

हालांकि ये साल काफी मुश्किल बीता है. उन्होंने कहा कि महामारी के कारण लगे लॉकडाउन ने काफी प्रभावित किया है. हरियाणा सरकार ने इसी हफ्ते पटाखों पर बैन लगाया लेकिन बाद में सिर्फ दो घंटों के लिए पटाखे जलाने की छूट दे दी.

उन्होंने कहा, ‘मेरे कर्मचारी और मैं खुद काफी प्रभावित हुए हैं और हम अब पटाखे बेचकर इसकी पूर्ति नहीं कर सकते. भले ही सरकार ने दो घंटों के लिए पटाखे जलाने की छूट दे दी हो लेकिन लोग बाहर इसे खरीदने नहीं निकल रहे हैं.’ ‘हमने उम्मीद लगा रखी थी कि प्रकाश का ये त्योहार कुछ राहत लेकर आएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ.’

दिवाली की चीजों के लिए दिल्ली की सबसे बड़ी थोक मार्केट सरोजनी नगर के एक दुकान के मालिक शंकर पाल ने कहा कि इस साल व्यापार में 60 प्रतिशत की कमी आई है