कोरोना मरीजों को भर्ती करना ही पड़ेगा: अरविंद केजरीवाल!

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स के माध्यम से डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस की जिसमें केजरीवील ने कहा, “दिल्ली के स्वास्थ्य तंत्र में निजी अस्पतालों ने बहुत बड़ा योगदान दिया है. उन्होंने कहा कि वे सलामी के पात्र है जिसके लिए मैं भी उन्हें सलाम करता हूं.
केजरीवाल ने कहा, “इन्हीं समस्याओं को देखते हुए हमने डेल्ही कोरोना ऐप लॉन्च किया, जहां अस्पतालों में मौजूद बेड और वेंटिलेटर जानकारी सार्वजनिक रहती है लेकिन कुछ लोगों को ये पसंद नहीं आया. मैं आपको बता दूं कि अस्पताल ख़ुद अपने बेड और वेंटिलेटर की जानकारी ऐप पर अपडेट करते हैं. इसलिए अगर वो कहते हैं कि उनके पास ऐप नहीं है तो वो झूठ बोल रहे हैं.”
कोविड-19 संक्रमण के संदिग्ध मरीज़ों के लिए भी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक नया आदेश दिया और कहा, “अगर कोई मरीज़ गंभीर स्थिति में है और उसे सांस लेने में तकलीफ़ हो रही है तो कुछ अस्पताल उसे भर्ती करने से इनकार कर देते हैं. आज मैं आदेश देता हूं कि किसी संदिग्ध मरीज़ को कोई अस्पताल भर्ती करने से इनकार नहीं कर सकता. केजरीवाल ने ये भी कहा कि दिल्ली में टेस्टिंग बंद नहीं हुई है और शनिवार सुबह तक 5300 सैंपल्स की टेस्टिंग हुई है.
उन्होंने कहा, “दिल्ली में सरकारी और निजी मिलाकर कुल 42 लैब में टेस्टिंग होती है. उनमें से छह लैब में गड़बड़ी हो रही थी. हमने सिर्फ़ उन छह के ख़िलाफ़ एक्शन लिया है, 36 अब भी काम कर रही हैं. दिल्ली में सरकार के 17 कोविड टेस्टिंग सेंटर हैं. इसके साथ ही हर सरकारी और निजी अस्पताल में फ़्लू क्लीनिक हैं, जहां टेस्ट होता है. इसके अलावा आप किसी प्राइवेट लैब से भी संपर्क कर सकते हैं.” इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने दोहराया कि दिल्ली सरकार अभी गंभीर रूप से बीमार लोगों को बचाने पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है.
उन्होंने कहा, “पूरे देश में दिल्ली में सबसे ज़्यादा टेस्ट हो रहे हैं लेकिन हमारी क्षमता सीमित है. एसिंप्टोमैटिक और कम लक्षणों वाले लोग मरीज़ तो वैसे भी ठीक हो जाएंगे.”

केजरावाल ने कहा कि दिल्ली के कुछ निजी अस्पताल पहले जान-बूझकर लोगों से बेड भरने की बात कह रहे हैं और ज़्यादा गिड़गिड़ाने पर लाखों रुपये मांगते हैं. इस महामारी के वक्त बहुत से अस्पताल ग़लत हरकतें कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में अस्पताल पैसे कमाने के लिए नहीं बल्कि लोगों की सेवा के लिए बनवाए गए थे.
केजरीवाल ने अस्पतालों को चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें कोरोना के मरीज़ तो लेने ही पड़ेंगे. उन्होंने कहा कि शुक्रवार से हमारी टीम हर निजी अस्पतालों के अधिकारियों को बुलाकर उनसे बात कर रही है.
उन्होंने आगे कहा कि “मैंने देखा कि कुछ लोगों को परेशानी हो रही है. लेकिन मुझे थोड़ा टाइम दीजिए, मैं ये सब ठीक कर दूंगा. अब से दिल्ली सरकार का एक स्वास्थ्यकर्मी हर प्राइवेट अस्पताल के रिसेप्शन पर बैठेगा और वहां की हर जानकारी हमें देगा.”