कोरोना से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने बनाई तीन योजनाएं, क्या है जाने!

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कोरोना वायरस का संक्रमण दुनिया के लिए बड़ी परेशानी का कारण बना हुआ है। भारत में इस वायरस से संक्रमित लोगों का आंकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इसी को देखते हुए अब केन्द्र की मोदी सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। इसके तहत केंद्र सरकार ने राज्य हेल्थ सिस्टम को दुरुस्त करने के उद्देश्य से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पूरा फंड देने की स्वीकृति दे दी है।

कोरोना महामारी सामने आने के बाद केंद्र सरकार अब भविष्य के लिहाज से हर तरह की तैयारियां करने में जुट गई है. जिससे आगे इस तरह के हालात बनने पर स्वास्थ्य तैयारियां को मजबूत करने में जुट गई है . यही वजह है कि केंद्र सरकार ने राज्यों के साथ मिलकर इस पर काम करना शुरू कर दिया है. इस मकसद को पूरा करने के लिए मोदी सरकार ने 15 हजार करोड़ रुपये के बड़े पैकेज का ऐलान भी किया है. केंद्र सरकार की तरफ से राज्यों को चिट्ठी लिखकर इसकी शुरुआत की गई है.

स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से एनएचएम की मिशन डायरेक्टर वंदना गुरुनानी ने सभी राज्यों को एक चिट्ठी लिखी है. इसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार ने 15 हजार करोड़ रुपये के इंडिया कोविड 19 इमर्जेंसी रिस्पॉन्स एंड हेल्थ सिस्टम प्रीपेयर्डनेस पैकेज को मंजूरी दे दी है.

यह प्रोजेक्ट केंद्र सरकार की तरफ से 100 फीसदी फंडेड होगा. जानकारी के मुताबिक प्रोजेक्ट तीन अलग-अलग फेजेस में लागू किया जाएगा. जनवरी 2020 से मार्च 2024 के बीच तीन अलग-अलग फेज में इसे लागू किया जाएगा. कोविड- 19 इमरजेंसी रिस्पॉन्स के तहत राज्यों में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़े पैमाने पर मजबूत करने का काम किया जाएगा.

तीन फेज में पूरा होगा मिशन
फेज 1: जनवरी 2020 से जून 2020
फेज 2: जुलाई 2020 से मार्च 2021
फेज 3: अप्रैल 2021 से मार्च 2024

राज्यों को मिला केंद्र का साथ
केंद्र सरकार राज्यों को इंफ्रास्ट्रक्चर और संसाधन बेहतर करने के मद्देनजर ये खास पैकेज दे रही है. जनवरी 2020 से मार्च 2024 तक इस प्रोजेक्ट को तीन चरणों में बांटा गया है. इसके दौरान केंद्र राज्यों को पैसा देगी. पहले फेज को लेकर पैसा भेज दिया गया.

कहां खर्च होंगे पैसे
इन पैसों का उपयोग Covid हॉस्पिटल, आइसोलेशन वार्ड, ICU, वेंटिलेटर्स, ऑक्सीजन सप्लाई, लैब, PPE, मास्क, हेल्थ वर्कर की नियुक्ति जैसे कामों में किया जाएगा.