गजब का यूपी का यह चुनाव जहां वोट किसी को दो, जितेगा त्रिपार्टी ही

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उत्तर प्रदेश में वैसे तो हमेशा से जाति का बोलबाला रहा है लेकिन भाजपा की योगी आदित्यनाथ सरकार में खासकर यह धारणा बन रही है कि ब्राहम्णों को नजरअंदाज किया जा रहा है लिहाजा सभी राजनीतिक पार्टियों रूठे हुए ब्राहम्णों को अपना बनाने के लिए उनका दिल जीत की कसरत कर रही है।

देवरिया विधानसभा क्षेत्र में 3 नवंबर को विधानसभा उप चुनाव है और वहां सभी राजनीतिक पार्टियों ने ब्राहम्ण उम्मीदवार उतार दिया है तो मजे की बात है कि सभी उम्मीदवारों का आखिरी नाम त्रिपार्टी है। इस वजह से वहां लोकल लेवल पर यह कहावत मशहूर हो चली है कि वोट किसी को दो, जितेगा त्रिपार्टी ही।

समाजवादी पार्टी से पूर्व यूपी मंत्री ब्रह्माशंकर त्रिपार्टी उम्मीदवार है जबकि भाजपा ने डिग्री काॅलेज अध्यापक डाॅ सत्यप्रकाश मणि त्रिपार्टी को उतारा है। कांग्रेस की ओर से स्थानीय नेता मणि त्रिपार्टी है जबकि बसपा की ओर से अभयनाथ त्रिपार्टी है, जिन्होंने सरकार छोड़कर राजनेता बन गए हैं। इस सीट पर उपचुनाव विधायक रहे जन्मजेय सिंह की दिल का दौरा पड़ने से मृत्य होने की वजह से हो रहा है।

राज्य में चारों तरफ यह धारणा बन गई है कि राज्य में योगी आदित्यनाथ सरकार से असंतुष्ट हैं।

उत्तर प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक ताने-बाने में ब्राह्मण हमेशा से एक प्रमुख कारक रहे हैं। लेकिन इस समुदाय के भीतर एक इस बात का असंतोष देखने को मिल रहा है कि यह समुदाय अपना दबदबा खो रहा है और योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा दरकिनार किया जा रहा है, जिसने 2017 में राज्य में सत्ता संभाली थी।

इस धारणा को अब गैंगस्टर विकास दुबे के पुलिस एनकाउंटर के बाद और जोर पकड़ लिया है।

अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष राजेंद्र नाथ त्रिपाठी ने बताया कि पिछले दो वर्षों के दौरान यूपी में 500 से अधिक ब्राह्मणों की हत्या की गई है।

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