देश भर में कोरोनावायरस का डर: तीर्थ स्थल जैसे जगह सामान्य होने तक यात्रा टली!

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उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में भस्म आरती रोकी गई है

तिरुपति बालाजी मंदिर में वेटिंग व्यवस्था बंद की गई है

कोरानावायरस (COVID-19) जो कि एक महामारी का रूप धारण कर लिया है जिसके डर से देशभर में भीड़ जुटने से रोकने की कोशिश की जा रही है। देश भर में 31 मार्च तक जिम, स्कूल, कॉलेज, स्विमिंग पुल, शॉपिंग मॉल, सिनेमा घरों क्लब्स जब बंद हो गए है। वहीं कोरोनावायरस के डर से लोग अपने घर से नहीं निकालने के कारण पहले से ही खाने पीने की सामग्री खरीदकर अपने घर में रख रहे हैं। लोग खुद को घर में बन्द कर के बैठ गए। वहीं, इसी कड़ी में धार्मिक स्थानों पर भी बंदिशें लगाई जा रही हैं। शिर्डी का साईं मंदिर, शिंगणापुर स्थित शनिधाम और मदुरै स्थित त्र्यंबकेश्वर मंदिर दर्शनार्थियों के लिए मंगलवार से अगले आदेश तक पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं। इसी बीच, श्री माता वैष्णोदेवी श्राइन बोर्ड के सीईओ बताया- कोरोनावायरस के खतरे के मद्देनजर हमने यात्रा और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा से संबंधित सभी पक्षों का मूल्यांकन किया है।

शिर्डी: कोरोनावायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए महाराष्ट्र के शिर्डी साई मंदिर को मंगलवार दोपहर तीन बजे से श्रद्धालुओं के लिए अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। 

तिरुपति: आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी मंदिर में दर्शन बंद नहीं किए गए हैं, लेकिन यहां वेटिंग की व्यवस्था बंद की गई है। यहां बीते कुछ दिनों से भक्तों की संख्या में काफी कमी आई है।

वैष्णोदेवी धाम: जम्मू के कटरा स्थित श्री माता वैष्णोदेवी ट्रस्ट ने निर्देश दिया है कि एनआरआई देश में आने के 28 दिन बाद ही यहां आएं। जिन्हें खांसी, बुखार और सांस लेने में परेशानी हो वे फिलहाल अपनी यात्रा टाल दें।

महाकाल: महाकाल मंदिर में सिर्फ भस्म आरती में भक्तों का प्रवेश बंद किया गया है। ऐसा इसलिए, क्योंकि इस दौरान यहां करीब 3-4 घंटे तक बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं।

त्र्यंबकेश्वर: महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित इस ज्योतिर्लिंग तीर्थ में भी मंगलवार से दर्शन बंद कर दिए गए हैं। यह बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है।

घृष्णेश्वर: महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में स्थित इस ज्योतिर्लिंग में भी दर्शन बंद कर दिए गए हैं।

सिद्धिविनायक: मुंबई स्थित सिद्धिविनायक मंदिर को सोमवार से अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। मंदिर प्रशासन ने अपने सभी कर्मचारियों को मास्क पहनने और हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है। यह 200 साल में पहली बार बंद हुआ है।

कामाख्या मंदिर: गुवाहाटी स्थित इस शक्तिपीठ में मंदिर प्रशासन ने रोजाना लगने वाले भोग को कुछ दिन के लिए बंद कर दिया है। यहां श्रद्धालुओं को हैंड सैनिटाइजर्स मुहैया कराया जा रहा है।

अमृतसर: गोल्डन टैम्पल खुला है, लेकिन परिसर में गोल्डन टैम्पल प्लाजा बंद कर दिया गया है। यहां श्रद्धालुओं को हैंड सैनिटाइजर मुहैया कराया जा रहा है।

ओंकारेश्वर: ज्योतिर्लिंग संस्थान को दर्शन के लिए बंद तो नहीं किया गया है, लेकिन संस्थान ने श्रद्धालुओं से वहां नहीं आने का आग्रह किया है।

शनि शिंगणापुर: महाराष्ट्र जिले के शिंगणापुर में शनिधाम को भी अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। 

दलाई लामा टैम्पल: धर्मशाला स्थित यह मंदिर और सिद्धिबाड़ी स्थित ग्यूतो मोनेस्ट्री में आम लोगों का प्रवेश एक महीने के लिए बंद कर दिया गया है।

मुंबई के ये 4 मंदिर 31 मार्च तक बंद: मुंबादेवी मंदिर, महालक्ष्मी, बबूलनाथ और इस्कॉन मंदिर 31 मार्च तक बंद रखने की घोषणा की गई है।

हिमाचल प्रदेश 6 प्रमुख मंदिर बंद: कांगड़ा में बृजेश्वरी मंदिर, ज्वालामुखी मंदिर, चामुंडा देवी मंदिर, बगलामुखी मंदिर, बिलासपुर जिले में स्थित मां नयना देवी मंदिर और ऊना जिले में स्थित चिंतपुर्णी मंदिर मंगलवार दोपहर से श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए गए हैं।

गुरुवायुर: केरल के कोच्चि स्थित गुरुवायुर मंदिर में सीमित संख्या में भक्तों को प्रवेश दिया जा रहा है। खास तौर पर 20 मार्च से 28 मार्च के बीच यहां होने वाले भारणी महोत्सव को देखते हुए यह पाबंदी लागू की गई है। इस दौरान यहां काफी भीड़ होती है।

ईशा योग केंद्र: दुनियाभर में संस्था के सभी केंद्रों पर अगले आदेश तक कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने कहा है कि उनके केंद्रों में रहने वालों के स्वास्थ्य की हर तीन दिन में जांच की जाएगी।