देश में चौथा लॉकडाउन शुरू, जाने क्या खुला और क्या बंद!

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केंद्र सरकार ने रविवार को देश में लॉकडाउन 31 मई तक बढ़ाने का ऐलान किया। चौथे चरण में राज्यों को ज्यादा अधिकार दिए गए हैं। देश में लॉकडाउन के 54 दिन पूरे हो चले हैं। आज से यानी सोमवार से लॉकडाउन का चौथा फेज शुरू हो चुका है, जो 31 मई तक चलेगा।
रविवार को लॉकडाउन का तीसरे फेज खत्म होने से करीब छह घंटे पहले राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण यानी एनडीएमए ने केंद्र सरकार और राज्यों को देशबंदी जारी रखने के निर्देश दिए। इसके बाद गृह मंत्रालय ने नई गाइडलाइंस जारी कर दीं। लॉकडाउन 31 मई तक बढ़ने के साथ ही सवा सौ करोड़ की आबादी अब लगातार 68 दिन तक बंदिशों में रहेगी।

बता दे, कि लॉकडाउन.4 में सबसे बड़ी छूट दुकानों और बाजारों को मिली है। 25 मार्च से चल रहे लॉकडाउन के बाद पहली बार कंटेनमेंट जोन के बाहर की सभी दुकानें सोमवार से खुल सकेंगी, बशर्ते जिला प्रशासन इसकी इजाजत दे। हालांकि, दुकानें और बाजार खुलने और बंद होने का वक्त पहले से तय रहेगा। राज्य ग्रीन, ऑरेंज, रेड जोन के साथ बफर और कंटेनमेंट जोन तय कर सकेंगे। कंटेनमेंट जोन छोड़कर अन्य क्षेत्रों में राज्य बिना रोक वाली गतिविधियों और दुकानें खोलने की मंजूरी दे सकेंगे।

गृह मंत्रालय की ओर से जारी दिशानिर्देश के अनुसार राज्य दुकान, बाजार, व्यावसायिक स्थलों पर काम के लिए अलग-अलग समय तय कर सकेंगे। कंटेनमेंट जोन में जरूरी सेवाओं को अनुमति होगी। रात सात से सुबह सात बजे तक आवाजाही पर रोक रहेगी।

शादी के आयोजनों के बारे में कहा गया है कि इस पर रोक नहीं है, लेकिन 50 से अधिक लोग शादी समारोह में शामिल नहीं हो सकते हैं। वहीं, अंतिम संस्कार में 20 से अधिक लोग शामिल नहीं हो सकते हैं। शादी और अंतिम संस्कार को लेकर लॉकडाउन 3 के नियम को ही जारी रखा गया है। 

नई गाइडलाइंस : 31 मई तक क्या खुला रहेगा?

स्थानीय प्रशासन कंटेनमेंट इलाकों और मॉल्स को छोड़कर बाकी जगहों पर सभी तरह की दुकानों और बाजारों को खोलने की इजाजत दे सकेंगे, लेकिन दुकानें और बाजार खोलने और बंद करने का वक्त तय रहेगा। 

दुकानों में एक वक्त पर 5 से ज्यादा लोग नहीं जा सकेंगे, 2 गज की दूरी रखनी होगी।

अगर राज्य सरकारों के बीच आपसी सहमति बन जाती है तो दो राज्यों के बीच यात्री बसों और गाड़ियों की आवाजाही हो सकेगी।

सरकारें अपने स्तर पर फैसला कर राज्यों के अंदर भी बसें शुरू कर सकेंगी।

स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और स्टेडियम खुल सकेंगे, लेकिन दर्शकों की इजाजत नहीं होगी।

रेस्टोरेंट्स खुल सकेंगे लेकिन यहां से सिर्फ होम डिलिवरी की जा सकेगी। यानी ग्राहक रेस्टोरेंट्स में बैठकर खाना नहीं खा सकेंगे।

सिर्फ वही होटल चालू रहेंगे, जहां हेल्थ, पुलिस, गवर्नमेंट ऑफिशियल्स, हेल्थ वर्कर्स और लॉकडाउन की वजह से फंसे पर्यटक रह रहे हैं।

बस डिपो पर चलने वाले कैंटीन, रेलवे स्टेशनों और एयरपोर्ट्स पर चलने वाली खाने-पीने की दुकानें खुली रहेंगी। 

ग्रीन, ऑरेंज और रेड जोन अब राज्य सरकारें खुद तय करेंगे

राज्य सरकारें खुद ही ग्रीन जोन, ऑरेंज जोन और रेड जोन तय करेंगी। उन्हें सिर्फ केंद्र सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय के पैरामीटर्स का ध्यान रखना होगा।

रेड और ऑरेंज जोन के अंदर जिला प्रशासन कंटेनमेंट जोन और बफर जोन तय करेगा। 

कंटेनमेंट जोन में पहले की तरह सिर्फ जरूरी सेवाएं जारी रहेंगी। 

इन जोन्स के अंदर या बाहर लोगों की आवाजाही न हो, इसका सख्ती से पालन करना होगा। 

कंटेनमेंट जोन के अंदर कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और घर-घर जाकर सर्विलांस बढ़ाना होगा।

जानें क्या खुला

बसों, यात्री गाड़ियों से अंतरराज्यीय यात्राएं। हालांकि, राज्यों की मंजूरी भी जरूरी। सरकारें राज्य के अंदर बस सेवाएं शुरू कर सकती हैं। इसके अलावा बिना दर्शन स्टेडियम खुलेंगे। वहीं, बस डिपो पर कैंटीन व रेलवे स्टेशन खुलेंगे। 

कंटेनमेंट जोन से बाहर नाई की दुकान, सैलून, स्पा खुल सकेंगे। शॉपिंग मॉल के अलावा अलग-अलग समय पर दुकानें खुलेंगी। वहीं, रेस्तरां को किचन खोलने की छूट। इससे लोग घर पर खाना मंगवा सकेंगे। वहीं, ऑनलाइन सामान मंगवाने की छूट रहेगी।

क्या रहेगा बंद

सभी घरेलू और इंटरनेशनल विमान सेवाओं पर प्रतिबंध रहेगा। मेट्रो और सामान्य रेल सेवाओं पर रोक जारी रहेगी। 65 से अधिक उम्र वाले, गंभीर बीमारी से पीड़ित, गर्भवती, दस साल से कम उम्र के बच्चे घर में ही रहेंगे। 

सिनेमा हॉल, होटल, रेस्त्रां, स्विमिंग पूल, मॉल, जिम, मनोरंजन पार्क, बार, स्कूल कॉलेज बंद रहेंगे। हालांकि, ऑनलाइन पढ़ाई पर कोई रोक नहीं रहेगी। इसके अलावा सभी सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, शैक्षणिक, सांस्कृतिक, धार्मिक आयोजनों पर बैन रहेगा।

यूपी में छूट पर आज जारी होंगे दिशा-निर्देश

उत्तर प्रदेश में छूट को लेकर आज दिशा-निर्देश जारी होंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुद्दे पर सोमवार को अपने मंत्रियों की बैठक बुलाई है। इसमें लॉकडाउन के दौरान छूट देने के मामले पर उनकी राय ली जाएगी और तय होगा कि किस क्षेत्र में कितनी छूट दी जाए।

दिल्ली में मिलेगी कितनी छूट? केजरीवाल आज करेंगे ऐलान

दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन सेवाएं 31 मई तक बंद रहेंगी, जबकि बाजार खोलने पर अंतिम फैसला राज्य सरकारों को लेना है। दिल्ली में व्यवसायिक गतिविधियों को खोलने के लिए दिल्ली सरकार सोमवार को ऐलान करेगी। दिल्ली सरकार कंटेनमेंट जोन को छोड़कर दिल्ली के बाकी इलाकों में बाजार, दुकान खोलने के पक्ष में है। बाजारों को खोलने के लिए ऑड-ईवन जैसे नियमों का सहारा लिया जाएगा।

बता दे कि, रविवार को जारी गाइडलाइन में आरोग्य सेतु ऐप के लिए ‘अनिवार्य’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया है। इस बार कहा गया है कि दफ्तरों और कामकाज की जगहों पर सुरक्षा के लिए इम्प्लॉयर की यह ‘श्रेष्ठ कोशिशें’ रहनी चाहिए कि सभी कर्मचारियों के मोबाइल फोन में आरोग्य सेतु इस्टॉल हो।
लोगों को इस पर अपना हेल्थ स्टेटस अपडेट करना होगा। इससे उन लोगों को फौरन मदद मिल सकेगी, जिन्हें संक्रमण होने का खतरा है।

सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे मेडिकल प्रोफेशनल्स जैसे, डॉक्टर, नर्स, पैरा मेडिकल स्टाफ, सफाई कर्मचारियों और एम्बुलेंस की आवाजाही होने दें। इसमें रुकावट नहीं आनी चाहिए।

सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सामान ढुलाई करने वाले ट्रक या अन्य वाहनों की आवाजाही सुनिश्चत करनी होगी। इसमें खाली ट्रक भी शामिल होंगे। 

कैसे रहे लॉकडाउन के तीन फेज

देश में अब तक तीन फेज में 25 मार्च से 14 अप्रैल, 15 अप्रैल से 3 मई और 4 मई से 17 मई तक लॉकडाउन घोषित किया गया था। 

पहला फेज: 25 मार्च से 14 अप्रैल तक, यह 21 दिन का रहा। इस दौरान सिर्फ जरूरी सामान की दुकानें खोलने की इजाजत दी गई। 

दूसरा फेज: 15 अप्रैल से 3 मई, यह 19 दिन का रहा। हॉटस्पॉट (रेड जोन) को छोड़कर ऑरेंज और ग्रीन जोन में दुकानें खोलने की परमिशन दी गई। 

तीसरा फेज: 4 मई से 17 मई, यह 12 दिन का था। हॉटस्पॉट (रेड जोन) को छोड़कर ऑरेंज और ग्रीन जोन में दुकानें खोलने की परमिशन दी गई। इसके अलावा, प्रवासी मजदूरों के लिए ट्रेनें और बस चलाई गईं। नई दिल्ली से स्पेशल ट्रेनों की भी शुरुआत हुई। वंदे भारत और समुद्र सेतु मिशन के जरिए दूसरे देशों में फंसे भारतीयों की वापसी की शुरुआत हुई।