प्रश्नकाल के मुद्दे पर कुछ झुकी मोदी सरकार, अब अतारांकित प्रश्न कराने पर राजी

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नई दिल्ली:14 सितंबर से शुरू होने वाले संसद के आगामी मानसून सत्र में प्रश्नकाल को रद्द करने के फैसले पर विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बुधवार शाम कहा कि उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया है कि सदस्यों से अतारांकित प्रश्न करने की अनुमति दी जाएं।

अतारांकित प्रश्न वे होते हैं जहाँ कोई मंत्री सांसदों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का लिखित उत्तर देता है, जबकि तारांकित प्रश्नों को सदन में सदस्य मौखिक रूप से पूछते हैं।

संसद के सत्र में हर दिन पहले घंटे होने वाले प्रश्नकाल के लिए सभी प्रश्न सत्र से 15 दिन पहले पेश किए जाने चाहिए, लेकिन जोशी ने बताया कि सरकार ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और उपाध्यक्ष से अनुरोध किया है। वहीं राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने सांसदों को अपने अतारांकित प्रश्नों की तालिका बनाने की अनुमति दी है।

जोशी ने यह भी कहा कि उन्होंने दोनों सदनों के प्रमुखों से शून्यकाल की अवधि 30 मिनट तक रखने का अनुरोध किया है। प्रश्नकाल की तरह शून्य काल के दौरान चर्चा के लिए किसी भी मंत्रालय से संबंधित कोई भी मौजूदा मुद्दा उठा सकते हैं। लेकिन संबंधित मंत्री जवाब देने के लिए बाध्य नहीं हैं। जोशी ने कहा, “लोकसभा अध्यक्ष और सभापति जल्द अंतिम निर्णय लेंगे। ” जोशी ने कहा, हम चर्चा के लिए तैयार है।

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