फेसबुक, इंस्टा यूज पर करें कोई गंदी बात तो कर सकते है ऑफिसर को कंप्लेंट

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मोदी सरकार ने सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के लिए नए नियम बनाए हैं। इस नियम के मुताबिक सोशल मीडिया कंपनियों को अब गंदे और आपत्तिजनक मैसेज को सबसे पहले पोस्ट करने वाले के बारे में सरकार को बताना होगा। कंपनी को एक शिकायत अधिकारी भी नियुक्त करना होगा जो 15 दिन के अंदर यूजर्स की शिकायत को हल करेगा। सोशल मीडिया कंपनियों को हर महीने बताना होगा कि उन्होंने कितनी शिकायतें पाई है और कितनों पर कार्यवाही की गई है।

वही न्यूज़ वेबसाइट पर अब प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया और केबल टीवी नेटवर्क अधिनियम लागू होगा। डिजिटल खबरों पर निगरानी के लिए सेल्फ रेगुलेटरी बॉडी होगी जो आचार संहिता के पालन को देखेगी। सूचना और प्रसारण मंत्रालय एक पैनल का गठन करेगा जो न्यूज़ वेबसाइट से संबंधित मामलों को देखेगा। इसके अलावा नेटफ्लिक्स प्राइम वीडियो, जैसे ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के लिए 5 आयु वर्ग आधारित श्रेणियां बनाने के लिए कहा गया है जैसे यू यानी यूनिवर्सल पहली श्रेणी होगी U/A 7+ साल, U/A 13+, U/A 16+ और A. हालांकि नेटफ्लिक्स प्राइम वीडियो और सोनी लिव जैसे तमाम प्लेटफार्म पर पहले ही कार्यक्रम उम्र के आधार पर दिखाए जाते हैं हां सरकार के नियमों में एक नई बात यह है कि यू 13 प्लस और उससे ऊपर के आयु वाले कार्यक्रमों के लिए पैरंट अनलॉक की सुविधा भी होगी यानी कि इन कार्यक्रमों को बच्चे बिना पासवर्ड के नहीं खोल पाएंगे। अभिभावक इनको लॉक कर सकता है हालांकि अभी भी ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर बच्चे बड़े के अलग-अलग वर्गों के अनुसार कार्यक्रम दिखाए जाते हैं और अगर पैरेंटल लॉक की सुविधा भी उपलब्ध होती है लेकिन अगर कार्यक्रम आधारित पर इंटरलॉक की सुविधा दी जाती है तो यह अपने आप में नई बात होगी।

साथ ही व्यस्त श्रेणी के कार्यक्रमों को देखने वाले को अपनी उम्र को साबित करना पड़ेगा यानी एज वेरीफिकेशन मैकेनिज्म भी होगा।