बंगाल में लोग बोलने से बच रहे हैं, ममता के कुछ सपोर्टर बोलने को तैयार, एक सर्वे ने ममता को जिताया

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बंगाल में लोग चुनावी माहौल के बारे में बात करने से हिचक रहे हैं। जब उनसे पूछा जाता है कि क्या माहौल है और किसका पलड़ा भारी है तो वह टीवी चैनलों के कैमरे से बचना शुरू कर देते हैं। कुछ इक्का-दुक्का ही लोग सीधी बात करने के लिए तैयार होते हैं लेकिन ज्यादातर लोग बात करने से बचते हैं। कुछ लोगों ने टीवी चैनलों पर यह भी कहा कि वह डर की वजह से टीवी चैनल पर कुछ बोलने से बच रहे हैं इसलिए इस समय अभी कुछ कहना मुश्किल है।

हालांकि जो लोग टीवी चैनल के कैमरे पर बोलना पसंद भी करते हैं तो वह ज्यादातर ममता बनर्जी के समर्थक ही देखे जाते। हैं ममता बनर्जी के समर्थक वोटर ही टीवी चैनल पर ममता दीदी के काम के बारे में तारीफ करते हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बुराई करते हैं। बीजेपी के समर्थन में इक्का-दुक्का ही वोटर खुलकर बोलने की हिम्मत दिखा पाते हैं हालांकि ऐसे कई वोटर्स की संख्या बहुत बड़ी है जो यह भी कहते हैं कि अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। लड़ाई बहुत कांटे की है और खेला होवे जो कि टीएमसी का चुनावी नारा है। यह खेला किसी भी तरफ हो सकता है। टीवी चैनलों के रिपोर्टरों का कहना है कि जिस तरीके से बिहार और यूपी में लोग चुनाव के मुद्दे पर बात करना पसंद करते हैं और खुलकर बोलते हैं। इसके ठीक उलट बंगाल में लोगों के मन से उनकी पसंदीदा पार्टी के बारे में जानना बहुत ज्यादा मुश्किल है टीवी चैनलों के रिपोर्टरों के पसीने छूट रहे हैं। 50 लोगों से बात करते हैं तो सिर्फ 5 से 6 लोग ही बात करने के लिए राजी होते हैं। हालांकि इस बीच एबीपी न्यूज़ चैनल ने अपने सर्वे में दावा किया है कि बंगाल में एक बार फिर ममता बनर्जी की सरकार बनेगी और भाजपा जरूर उन्हें कड़ी टक्कर दे रही है लेकिन वह सरकार बनाने में सफल नहीं हो पाएगी।