बदनाम अगर होंगे तो क्या नाम न होगा, 15+ कैटेगरी में अर्णब का रिपब्लिक भारत नंबर वन, आज तक पहली बार पिछड़ा

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भले ही रिपब्लिक भारत टीवी चैनल को कई लोग ड्रामेबाज, बकवास और सनसनीखेज कहें या फिर इसके प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी की तमाम आलोचनाएं करें लेकिन हकीकत यह है कि इस चैनल ने 18 महीने के अंदर देश के नंबर वन सबसे तेज टीवी चैनल आज तक को मात देने में सफलता हासिल की है।

टीवी चैनलों की लोकप्रियता का पैमाना यानी टीआरपी रेटिंग तय करने वाले बार्क डाटा के अनुसार 15 प्लस टारगेट ग्रुप में हिंदी न्यूज़ श्रेणी के अंदर 32 वें सप्ताह में रिपब्लिक भारत ने शीर्ष स्थान हासिल किया है।

बार्क डाटा के अनुसार 15 प्लस हिंदी न्यूज़ चैनल श्रेणी में रिपब्लिक भारत के कार्यक्रम “पूछता है भारत” अभियान ने बाजार के 22. 86 फीसदी हिस्से पर कब्जा किया है।

रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी ने इस डाटा पर कहा है, हम नंबर 1 की पोजीशन पर बने रहने की योजना बना रहे हैं।

बार्क डाटा के अनुसार 15 प्लस श्रेणी की एच एस एन श्रेणी में रिपब्लिक भारत को 92116 000 इंप्रेशंस हासिल हुए हैं।

वही बार्क के आंकड़ों के मुताबिक प्लस टू श्रेणी में रिपब्लिक भारत 1977 80000 इंप्रेशंस के साथ दूसरे नंबर पर है जबकि आज तक पहले नंबर पर है। तीसरे नंबर पर TV9 भारतवर्ष ने 1690 680 00, इंडिया टीवी और न्यूज़ 18 इंडिया ने 166 196000 और 14 3760 इंप्रेशंस हासिल किए हैं।

मीडिया हलकों में यह चर्चा है कि रिपब्लिक भारत टीवी चैनल को फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में चल रही जांच को लेकर चलाए जा रहे अभियान के चलते यह उपलब्धि हासिल हो पाई है।

अभी कुछ दिन पहले रिपब्लिक भारत ने यह खबर दिखाई थी कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद उन्हें जिस स्ट्रेचर पर ले जाया गया था वह 7 फीट लंबा था जबकि सुशांत सिंह राजपूत की हाइट 6 फीट थी।

टीवी पत्रकार और एंकर अर्णब गोस्वामी को लेकर सोशल मीडिया में आलोचनाओं की झड़ी लगी रहती है। टीवी स्टूडियो में उनके चिल्लाने के स्टाइल और पैनल डिस्कशन में शामिल लोगों को डांटने को लेकर भी वह चर्चा में बने रहते हैं। हाल में कांग्रेस के अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी पर टिप्पणी को लेकर वह चर्चा में रहे थे और महाराष्ट्र की शिवसेना कांग्रेस एनसीपी सरकार ने उनके खिलाफ मामला भी दर्ज कर लिया था जिसकी वजह से उन से पुलिस ने घण्टों पूछताछ भी की थी।

कांग्रेस बिल्कुल पसंद नहीं करती रिपब्लिक टीवी को

नई दिल्ली के 24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय में रिपब्लिक टीवी चैनल के पत्रकार और कैमरामैन को अंदर आने की इजाजत नहीं है पार्टी के इस कदम से अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह किस कदर इस चैनल से नफरत करती है और इसका खुलकर बहिष्कार कर रही है। कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि या टीवी चैनल बेशर्म तरीके से सत्तारूढ़ पार्टी और सरकार का समर्थन करता है जबकि विपक्ष की आवाज को दबाने का काम कर रहा है और इसके पत्रकार जानबूझकर पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में गैर जरूरी सवालों की झड़ी लगा देते हैं और कॉन्फ्रेंस को खराब करने की कोशिश करते हैं लिहाजा मुख्यालय में इस चैनल के पत्रकारों को आने की इजाजत नहीं दी गई। कांग्रेस मुख्यालय के दरवाजे पर जब कोई नए चेहरे वाला पत्रकार पहुंचता है तो सुरक्षाकर्मी सबसे पहले उससे पूछते हैं कि क्या वह रिपब्लिक से तो नहीं है?