बिहार में साढ़े तीन साल का बच्चा मिला कोरोना पॉजिटिव, वहीं, 18 जिलों में चिकित्सकों की बन रही ऑनलाइन हाजिरी

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बिहार में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या के साथ जिलों की संख्या भी बढ़ती जा रही है. राज्य के अब सिर्फ छह जिले रह गये हैं जहां पर कोरोना पॉजिटिव मरीज अभी तक नहीं पाये गये हैं. समस्तीपुर में सोमवार को नया कोरोना पॉजिटिव पाया गया है. जिन जिलों में अभी तक कोरोना वायरस नहीं फैला है उसमें जमुई, खगड़िया, किशनगंज, मुजफ्फरपुर, सहरसा और सुपौल शामिल हैं.
समस्तीपुर जिला कोरोना संक्रमित होनेवाला राज्य का 32वां जिला बन गया है. सोमवार को राज्य के चार जिलों में कुल नौ नये कोरोना पॉजिटिवों की पहचान की गयी है. जिन जिलों में कोरोना पॉजिटिव के नये मामले पाये गये हैं, उसमें पश्चिम चंपारण, मधुबनी, बेगूसराय और समस्तीपुर शामिल हैं. राज्य के पांच जिले रेड जोन में हैं. बाकी सभी जिले ऑरेंज जोन में हैं. बिहार में एक भी ग्रीन जोन नहीं है.
बिहार में एक और कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने से राज्य में संख्या बढ़कर 529 हो गयी है. स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डा संजय कुमार के अनुसार सिवान में साढे़ तीन साल का बच्चा कोराना संक्रमित पाया गया है.

वहीं, इस बीच बिहार के एईएस प्रभावित 18 जिलों में चिकित्सकों ने ऑनलाइन हाजिरी बनानी शुरू कर दी है. पीड़ितों के अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों की अनुपस्थिति की शिकायत आ रही थी जिसके बाद यह निर्णय लिया गया है. अब चिकित्सकों को अपनी हाजिरी सुबह की शिफ्ट शुरू होते समय सुबह पांच बजे ही बनानी होगी. हाजिरी बनाते समय उनकी लोकेशन ऐप में दर्ज हो जाएगी.
बिहार के 18 जिलों में चिकित्सकों ने ऑनलाइन हाजिरी बनानी शुरू कर दी है. इन जिलों में मुजफ्फरपुर के अलावा पटना, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी, शिवहर, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सारण, सीवान, गोपालगंज, गया, जहानाबाद, औरंगाबाद, नवादा, नालंदा व अरवल शामिल हैं। इन सभी जिलों में पीएचसी, एपीएचसी, सीएचसी अनुमंडलीय अस्पताल और जिला अस्पताल के चिकित्सक अब दर्पण ऐप से ही हाजिरी बनाएंगे.

केन्द्र से हरी झंडी मिलने के बाद देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे प्रवासी मजदूरों और छात्रों के बिहार वापस लौटने का सिलसिला जारी है. इसी कड़ी में मंगलवार को राजस्थान के कोटा से स्पेशल ट्रेन छात्र-छात्राओं को लेकर दरभंगा जंक्शन पहुंची. ट्रेन में 1129 बच्चों के सवार होने की बात कही गई है. ट्रेन से सभी को बारी-बारी से उतारा गया. बसों से बगल के एमएलएसएम कॉलेज सेंटर पर ले जाया गया. वहां जरुरी प्रक्रिया पूरी करने के पश्चात सभी को होम क्वारेंटिन के लिए अपने-अपने घर भेज दिया गया.

वहीं, बिहार के भागलपुर जिला में कोरोना के जांच के लिए लैब तैयार किया गया है जो प्रदेश का सातवां जांच लैब है. यह लैब 3 मई से अपनी सेवा दे रहा है।

बता दे कि, बिहार में सबसे अधिक कंटेनमेंट जोन राजधानी पटना में हैं. यहां अब तक 15 कंटेनमेंट जोन चिह्नित हो चुके हैं. खास बात यह है कि बेली रोड पर शेखपुरा से लेकर जगदेव पथ तक सबसे अधिक कंटेनमेंट जोन हैं, जो खाजपुरा के संक्रमितों के संपर्क में आने के कारण बने. हालांकि, इन कंटेनमेंट जोन में पिछले 72 घंटों में एक भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित नहीं पाये गये. साथ ही इनके संपर्क में आने से भी कोई संक्रमित नहीं हुआ है.
पटना के इन जगहों को कंटेनमेंट जोन बनाया गया है – खाजपुरा, मानसरोवर अपार्टमेंट रूपसपुर, आदर्श कॉलोनी पटेल नगर, नगर पर्षद फुलवारी, शंभूकुंडा नौबतपुर, सुल्तानगंज, न्यू पाटलिपुत्रा कॉलोनी, चाणक्यपुरी मछली गली राजा बाजार, अशोका टावर मछली गली राजा बाजार, शेखपुरा दुर्गा आश्रम गली, बेली रोड बीपीएससी के पास, बिड़ला कॉलोनी फुलवारी, वित्त कॉलोनी, पालीगंज, पुरंदरपुर, मीठापुर.

राजस्थान के कोटा से स्पेशल ट्रेन छात्र-छात्राओं को लेकर सुबह बेगुसराय जंक्शन पहुंची. ट्रेन में 1129 बच्चों के सवार होने की बात कही गई है. ट्रेन से सभी को बारी-बारी से उतारा गया. वहां जरुरी प्रक्रिया और screeningt पूरी करने के पश्चात सभी को होम क्वारेंटिन के लिए अपने-अपने घर भेज दिया गया.
वहीं, बिहार में आपदा प्रबंधन के प्रधान सचिव ने कहा कि बाहर से आने वाले लोगों को 21 दिनों तक क्वारेंटिन सेंटरों पर रखा जायेगा. उन्होंने बताया कि प्रखंड स्तर पर बने 2450 क्वारेंटिन केंद्रों पर सोमवार की शाम तक 8,968 लोग रह रहे हैं. इन्हें थाली, बाल्टी, ग्लास, तीन टाइम का भोजन, कपड़ा और दो टाइम दूध पैकेट दिये जा रहे हैं.

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