भाजपा को बिहार में नए मुद्दे की तलाश क्योंकि सुशांत और पाकिस्तान नहीं कर रहा काम

0
54

पिछले कुछ महीने से चीन के सबसे बड़े दुश्मन बनने के बावजूद भी भारतीय जनता पार्टी को बिहार के चुनाव में कोई नए दुश्मन की जरूरत है जिससे चुनाव के नतीजों को अपने पक्ष में मोड़ आ जाए। दरअसल चीन का मुद्दा पाकिस्तान की तरह काम नहीं कर पा रहा है। बीजेपी हाईकमान को बिहार के चुनावी माहौल से इस तरह की रिपोर्ट मिल रही है।

दरअसल चुनावों में भाजपा के लिए हमेशा से पाकिस्तान पसंदीदा विषय रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पिछले कई चुनावों में लगातार इस मुद्दे को उछाल रहे हैं। गुजरात चुनाव से लेकर बिहार चुनाव के तक भाजपा ने इस मुद्दे को उठाकर पड़ोसी मुस्लिम देश पर निशाना साधा है और देश के बहुसंख्यक हिंदू आबादी को यह पसंद आता है।

2014 के लोकसभा चुनावों से पहले प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान के संदर्भ में ही 56 इंच की छाती का बहुचर्चित और लोकप्रिय डायलॉग मारा था जो आज तक सबसे हिट माना जाता है।

सूत्रों का कहना है कि बिहार चुनावों में भाजपा को सुशांत सिंह राजपूत की मौत और रिया चक्रवर्ती के इसमें फंसने के मुद्दे को लेकर काफी उम्मीदें थी लेकिन जबसे ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस यानी एम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत हत्या नहीं बल्कि आत्महत्या थी उसके बाद से सारी उम्मीदों पर पानी फिर गया है।

सूत्रों का कहना है कि चुनावों में क्या मुद्दा छेड़ा जाए इसे लेकर दिल्ली से लेकर पटना तक मंथन का काम चल रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के चुनावी अभियान शुरू होने से पहले इस मुद्दे की खोज तेज हो गई है।

सूत्रों का कहना है कि भाजपा को एक नया मुद्दा या सीधे कहे तो एक नए दुश्मन की तलाश है जिसका नाम लेकर वह लोगों के सामने उसे खुलकर गालियां दें। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि पाकिस्तान के मुद्दे को लेकर भी सवाल उठाया जा सकता है क्योंकि हाल के दिनों में जम्मू कश्मीर में आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान के खिलाफ भारत लगातार आवाज उठा रहा है इस को आधार बनाकर चुनावों में गर्माहट लाने की कोशिश हो सकती है लेकिन कोविड-19 और लॉकडाउन की वजह से मंदी और नौकरियां गायब होने से एक डर का माहौल भी है। इन मुद्दों को नजर आए नजरअंदाज कर किसी ने दुश्मन या फिर पाकिस्तान को ही गरियाने से कहीं दाव उल्टा ना पड़ जाए।