मोदी सरकार चाहे तो सीधे ₹25 कम हो जाए पेट्रोल पर, मगर दाम ₹90 के पार

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कच्चे तेल की कीमतों में इतना ज्यादा इजाफा नहीं हो रहा जितना कांग्रेस की यूपीए सरकार के समय में हुआ था उस समय 112 डॉलर प्रति बैरल डॉलर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई थी। आज के समय में $66 प्रति बैरल तेल की कीमतें हैं इस हिसाब से अगर मोदी सरकार चाहे तो पेट्रोल की कीमतों में ₹25 कम कर सकती है लेकिन उत्पादन शुल्क समेत तमाम टैक्स की दरें लगाकर तेल की कीमतें इतनी ज्यादा महंगी हो गई हैं।

केंद्र सरकार के अलावा राज्य सरकार भी टैक्स कम नहीं कर रही हैं जिसकी वजह से तेल की कीमतें बहुत ज्यादा हो गई है। कोरोना काल में तेल की कीमत बहुत कम हो गई थी लेकिन तब भी मोदी सरकार ने ग्राहकों को इसका फायदा नहीं दिया था बल्कि अपना खजाना ही भरा था। आज दिल्ली में तेल की कीमतें ₹90 के पार पहुंच गई हैं जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें बढ़ी हैं लेकिन 63 डॉलर प्रति बैरल हुई हैं जबकि यूपी में सरकार भी 112 डॉलर प्रति बैरल तक की मौत हो गई थी लेकिन मनमोहन सिंह सरकार ने तेल की कीमतों को कुछ हद तक नियंत्रित किया।