लोगों के मन से डर हटाए सरकार, आर्थिक पैकेज की मांग, फंसे मजदूरों को जल्द से जल्द रिहा करे: राहुल गांधी!

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते संकट और लॉकडाउन की वजह से आ रही मुश्किलों पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मीडिया से बातचीत की. राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को लॉकडाउन खोलने की नीति जनता को बतानी चाहिए और मजदूरों के खाते में सीधे पैसा डालना चाहिए. राहुल गांधी ने कहा कि ऐसा नहीं है कि भारत में कोरोना की रफ्तार सिर्फ जून और जुलाई में ही तेजी होगी इसके बाद भी तेज हो सकती है.

राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस में हमने सरकार को कुछ सुझाव देने का फैसला किया है. लेकिन अब वक्त आ गया है जब छोटे कारोबारियों के लिए राहत पैकेज का ऐलान किया जाए और लॉकडाउन को खोलने की तैयारी की जाए. क्योंकि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की बहुत ज्यादा आवश्यकता है।

राहुल गांधी ने कहा कि अब सरकार को बताना चाहिए कि क्या हो रहा है, जनता को बताना होगा कि आखिर लॉकडाउन कब खुलेगा? लोगों को बताना जरूरी है कि किस परिस्थिति में लॉकडाउन खोला जाएगा. लॉकडाउन के दौरान काफी कुछ बदल गया है, अभी ये महामारी काफी खतरनाक हो गई है.

राहुल गांधी ने कहा कि लोगों के अंदर कोरोना का डर बैठ गया है। लोगों को इस डर से बाहर निकालने की जरूरत है। जिसके लिए लॉकडाउन हटाना होगा। हिन्दुस्तान में कोरोना के वजह सिर्फ 1-1.5% खतरा है। बाकी लोगों में कोरोना का हतास सता रहा है। ये बीमारी सिर्फ एक फीसदी के लिए खतरनाक है, बाकी 99 फीसदी के मन में डर का माहौल है.

राहुल गांधी ने आगे कहा कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन को केंद्र सरकार का हिस्सेदार बनाना चाहिए और रणनीति पर साथ काम करना चाहिए. उन्होंने कहा कि अब लॉकडाउन को खोलने की जरूरत है, किसी भी अगर कारोबार वाले से पूछें तो सप्लाई चेन को लेकर दिक्कत सामने आएगी. प्रवासी मजदूर, गरीब, छोटे कारोबारियों को आज पैसे की जरूरत है, वरना नौकरी जाने की सुनामी आ जाएगी.

प्रवासी मजदूरों की मदद को लेकर राहुल गांधी ने कहा कि न्याय योजना की मदद से लोगों के हाथ में पैसा देना शुरू करें, इससे 65 हजार करोड़ का खर्च आएगा. अगर आप दिहाड़ी मजदूर हैं, तो आपको जरूरत है कि लोगों को मौका दिया जाए. मजदूरों को जाने को लेकर केंद्र सरकार को राज्य से बात करने होगी.

उन्होंने कहा कि अन्य राज्य में फंसे प्रवासी मजदूरों को जबरदस्ती रोकना, सरकार अच्छा काम नहीं कर रही है। केंद्र सरकार को हक नहीं है कि किसी भी प्रवासी मजदूरों को कैदी बना कर रखे। राहुल गांधी ने सरकार से अपील की कि फंसे प्रवासी मजदूरों को सही सालामत उनके घर जल्द से जल्द भेजा जाए।

उन्होंने कहा कि सरकार सोच रही है कि अगर तेजी से पैसा खर्च करना शुरू कर देंगे, तो रुपये की हालत खराब हो जाएगी. लेकिन सरकार को इस वक्त रिस्क लेना होगा, क्योंकि जमीनी स्तर पर पैसा पहुंचाना जरूरी है. सरकार जितना सोच रही है, उतना हमारा समय बर्बाद हो रहा है.

राहुल गांधी बोले कि मुख्यमंत्रियों ने हमें अपने राज्य की हालत बताई, केंद्र से पैसा नहीं मिल रहा है. अभी देश में सामान्य हालात नहीं हैं, इस लड़ाई को जिले तक ले जाना जरूरी है. अगर पीएमओ में ये लड़ाई लड़ी जाएगी, तो लड़ाई हारी जाएगी.

कांग्रेस नेता राहुल बोले कि आज कोई RSS, कांग्रेस या बीजेपी का नहीं है, हर किसी को एक हिन्दुस्तानी की तरह खड़ा होना पड़ेगा और साथ मिलकर कोरोना से लड़ना होगा. आज हर किसी को डर के माहौल को खत्म करना है, वरना लॉकडाउन नहीं हटेगा.