शनिवार रविवार चलेगी संसद, शाम को शुरू होगी लोकसभा की कार्यवाही, इन बिलों को पास कराने की तैयारी में सरकार

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कोरोना संकट के बीच संसद का सत्र 14 सितंबर से शुरू होगा। इस बार मानसून सत्र कोरोना संक्रमण के चलते लगभग 40 दिन देर से शुरू हो रहा है। संसद का मानसून सत्र 14 सितम्बर और 1 अक्टूबर तक चलेगा, जिसमें 18 सिटिंग होगी. इस बार शनिवार और रविवार को संसद की कार्यवाही चलेगी.

राज्य सभा में सदन कार्यवाही सुबह होगी, जिसमें चैयरमैन गैलरी, विज़िटर गैलरी को भी सांसदों के बैठने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा. लोकसभा में सदन की कार्यवाही शाम को की जाएगी. आगामी सत्र के दौरान 11 अध्यादेशों को पारित किया जाना जरूरी है. इसमें महामारी रोग (संशोधन) अध्यादेश, दिवालियापन संहिता (संशोधन) अध्यादेश शामिल है.

इनमें से प्रमुख अध्यादेशों का जिक्र करें तो इनमें :-

1- संसदीय मंत्रालय से जुड़ा मंत्रियों का वेतन और भत्ते (संशोधन) अध्यादेश शामिल है, जिसे नौ अप्रैल, 2020 को जारी किया गया. ये अध्यादेश मंत्रियों का वेतन और भत्ते एक्ट, 1952 में संशोधन करता है.

2- स्वास्थ्य मंत्रालय के महामारी रोग (संशोधन) अध्यादेश को 22 अप्रैल 2020 को जारी किया गया. ये अध्यादेश महामारी रोग एक्ट 1897 में संशोधन करता है. इसमें खतरनाक महामारी की रोकथाम से संबंधित प्रावधान है.

3- उपभोक्ता मामले एवं खाद्य वितरण मंत्रालय का अनिवार्य वस्तुएं (संशोधन) अध्यादेश, 2020 है, जिसे पांच जून 2020 को जारी किया गया था. उक्त अध्यादेश अनिवार्य वस्तुएं एक्ट 1955 में संशोधन करता है.

4- कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय का ही किसान उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अध्यादेश, 2020 को पांच जून, 2020 को जारी किया गया था, जिसे पारित किया जाना है.

5- कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय का मूल्य आश्वासन और कृषि सेवाओं पर किसान (सशक्तीकरण और संरक्षण) समझौता अध्यादेश, 2020 को पांच जून 2020 को जारी किया गया था.

6- स्वास्थ्य मंत्रालय के होम्योपैथी सेंट्रल काउंसिल (संशोधन) अध्यादेश 2020 को 24 अप्रैल, 2020 को जारी किया गया. उक्त अध्यादेश होम्योपैथी सेंट्रल काउंसिल एक्ट 1973 में संशोधन करता है.

7- वित्त मंत्रालय के टैक्सेशन और अन्य कानून (विभिन्न प्रावधानों में राहत) अध्यादेश, 2020 को 31 मार्च, 2020 को जारी किया था, जिसे पारित किया जाना है.

8- दिवालियापन संहिता (संशोधन) अध्यादेश, 2020 को छह जून को घोषित किया गया था और 26 जून को घोषित बैंकिंग विनियमन (संशोधन) अध्यादेश को रखा गया है. इन अध्यादेशों का उद्देश्य अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है और साथ ही कृषि और संबद्ध गतिविधियों में लगे किसानों के कल्याण के माध्यम से ग्रामीण भारत को सशक्त बनाना है.

प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं!
सरकार सभी विपक्षी दलों से बात कर रही हैं कि प्रश्नकाल और शून्यकाल को इस बार सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं किया जाए. साथ ही पत्रकारों की एंट्री भी इस बार लॉटरी सिस्टम से तय की जायेगी.

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