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भारत में ट्रैक्टर की बिक्री में इस साल अप्रैल से नवंबर तक सालाना आधार पर 28.7 प्रतिशत की वृद्धि नजर आई है. यह वृद्धि ऐसे समय दर्ज की गई है जब महामारी के कारण ऑटो उद्योग मंदी से जूझ रहा है. अकेले नवंबर में ट्रैक्टर की बिक्री में 51.2 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई.

ट्रैक्टर एंड मैकेनाइजेशन एसोसिएशन (टीएमए) के आंकड़ों के अनुसार, नवंबर में 82,330 ट्रैक्टर बेचे गए, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह आंकड़ा 54,432 था.

टीएमए के मुताबिक ट्रैक्टर की बिक्री में वृद्धि जनवरी से सितंबर माह की अवधि के दौरान भी हुई जिसमें महीनों लंबे लॉकडाउन की अवधि भी शामिल है. इस अवधि के दौरान देशभर में 5,43,936 ट्रैक्टर बेचे गए, जो एक साल पहले इसी अवधि में बिके 5,19,395 ट्रैक्टर की तुलना में लगभग 4.72 प्रतिशत ज्यादा थे.

इसके अलावा, ट्रैक्टरों की मांग उनके कुल उत्पादन की संख्या के करीब या उससे अधिक ही रही. टीएमए के अनुसार, नवंबर में बिक्री के आंकड़ों कुछ ही ज्यादा रही यानी 90,327 ट्रैक्टरों का उत्पादन किया गया था. अक्टूबर में 1,08,873 ट्रैक्टर का उत्पादन हुआ जबकि 1,23,883 ट्रैक्टर बेचे गए.

लेकिन एक तरफ जहां ट्रैक्टरों की बिक्री में तेजी से वृद्धि दिखी, बाकी ऑटो उद्योग में वृद्धि सुस्त ही रही. फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार, नवंबर में यात्री वाहनों में 4.17 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि तिपहिया और दोपहिया वाहनों में क्रमश: 64.98 प्रतिशत और 21.40 प्रतिशत की गिरावट दिखी. पिछले महीने दोपहिया वाहनों में 26.82 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी, जबकि तिपहिया वाहनों की बिक्री 64.50 प्रतिशत तक गिर गई थी