सरकारी अस्पतालों में संडे को कोरोना इंजेक्शन नहीं, लोगों को दिक्कतें, अफसर हकीकत से दूर

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देशभर के कई राज्यों में रविवार को छोड़कर हफ्ते में 6 दिन वैक्सीन लगाई जा रही है। इससे कामकाजी लोग परेशान हैं। उनका कहना है कि बुजुर्ग किसी भी दिन टीका लगवाने पहुंच सकते हैं लेकिन 45 साल से ऊपर लोगों को काम के दिनों में वैक्सीनेशन के लिए छुट्टी लेनी पड़ेगी। रविवार को भी टीका प्राइवेट हॉस्पिटल में लग रहा है ऐसे में सरकार में भी हफ्ते के सातों दिन टीकाकरण लगना चाहिए।

गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके के निमेष जैन का कहना है कि उन्हें सिर्फ रविवार को छुट्टी मिलती है क्योंकि वह एक इलेक्ट्रॉनिक कंपनी में काम करते हैं। उन्होंने कहा कि निजी हॉस्पिटल में इंजेक्शन लगाने के लिए पैसे देने पड़ रहे हैं इसलिए ज्यादा से ज्यादा लोग इंजेक्शन लगाने के लिए तैयार नहीं होंगे जिनके पास पैसा है वही हॉस्पिटल में जाकर टीका लगा सकते हैं सरकार को चाहिए कि वह रविवार के दिन ही इंजेक्शन लगवाएं।

कई लोग तो इस बात से परेशान हैं कि उन्होंने पहली ड्रेस लेने के लिए तो 1 दिन की छुट्टी ले ली लेकिन अब दूसरी तो उसके लिए कैसे छुट्टी लेंगे ऐसे लोगों की बड़ी संख्या है जो इन्हें छुट्टी में लेने में दिक्कत आ रही है कई लोगों का कहना है कि लॉक डाउन के बाद बड़ी मुश्किल से कमाई शुरू हो पाई है ऐसे में काम के दिनों में छुट्टी लेना बहुत मुश्किल है मुंह का कहना है कि अगर सरकार को चाहिए कि ज्यादा से ज्यादा लोग हर दिन टीका लगवाए तो उसे रविवार के दिन वैक्सीनेशन करवाना चाहिए अगर सरकार ऐसा नहीं करेगी तो यह काम पूरी तरह से सफल नहीं हो पाएगा और लाखों लोग वैक्सीनेशन नहीं करवा पाएंगे जबकि करुणा का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है सरकार को इन छोटी-छोटी बातों की दिक्कतों को दूर करके करना चाहिए कई लोगों ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकारी अधिकारियों को इतना सा भी कॉमन सेंस नहीं है कि ज्यादातर लोगों की छुट्टियां रविवार को होती हैं इसलिए इस दिन सरकारी अस्पतालों को वैक्सीनेशन के लिए खोले जाने की जरूरत है लोगों का कहना है कि अधिकारियों को जमीनी हकीकत का पता नहीं है वह एसी कमरों में बैठकर फैसला लेते हैं लॉकडाउन के दौरान भी अधिकारियों ने जमीनी हकीकत का पता किए बगैर ऐसे फैसले लिए जिसका खामियाजा आम लोगों को आज तक उठाना पड़ रहा है।