कोरोनावायरस का कहर बाजार पर : रोकना पड़ा 15 मिनट ट्रेडिंग

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दुनियाभर में कोरोना वायरस खतरनाक रूप ले चुका है. इस वजह से ग्‍लोबली शेयर बाजारों में भी गिरावट का दौर जारी है.सप्‍ताह के आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्‍स और निफ्टी 10 फीसदी से अधिक लुढ़क गया और इस वजह से 45 मिनट के लिए ट्रेडिंग रोकनी पड़ी. इस दौरान शेयर बाजार में कोई कारोबार नहीं हुआ.

सुबह करीब 10.20 बजे एक बार फिर शेयर बाजार में ट्र‍ेडिंग शुरू हुआ। इस दौरान करीब 3300 अंक की फिसलन के कुछ मिनटों बाद सेंसेक्‍स निचले स्‍तर से रिकवर होता दिखा. यही हाल, निफ्टी का भी रहा। निफ्टी निचले स्‍तर से रिकवर होता दिखा. सुबह 10.30 बजे सेंसेक्‍स 1300 अंक लुढ़क कर 31 हजार 400 अंक के नीचे था. वहीं निफ्टी की बात करें तो 500 अंक की गिरावट के साथ 9 हजार 230 अंक पर था.

45 मिनट के ल‍िए रोकी गई ट्रेडिंग

मतलब ये क‍ि कुछ देर तक शेयर बाजार में कारोबार नहीं होगा. यानी आप न तो शेयर खरीद सकते हैं और न ही बेच सकते हैं. बीते 12 साल में पहली बार है जब शेयर बाजार में ट्रेडिंग रोकी गई है. इससे पहले मई 2008 में भी शेयर बाजार कुछ देर के ल‍िए बंद कर दिया गया था. तब ग्‍लोबली आर्थिक मंदी का दौर था और भारत में भी इसके संकेत मिल रहे थे.

स्‍टॉक एक्‍सचेंज के नियमों के मुताबिक 1 बजे से पहले शेयर बाजार में फिर से 15 फीसदी तक की गिरावट आई तो 1.45 घंटे तक ट्रेडिंग रोक दी जाएगी. स्‍टॉक एक्‍सेंज की भाषा में अब 15 फीसदी का लोअर सर्किट होगा। बता दें कि शेयर बाजार में 10 फीसदी या उससे अधिक की गिरावट आती है, तो उसमें लोअर सर्किट लग जाता है और ट्रेडिंग कुछ देर के ल‍िए रोक दी जाती है.

क्‍यों रोकी जाती है ट्रेडिंग?
दलाल स्‍ट्रीट में निवेशकों के निवेश को सुरक्षित रखने के लिए ट्रेडिंग पर रोक लगा दी जाती है. इससे निवेशकों के नुकसान का संकट ज्‍यादा गहरा होने से बच जाता है.

जब ट्रेडिंग रोकी गई तब सेंसेक्‍स 3090.62 अंक लुढ़क कर 29,687.52 अंक पर था. वहीं निफ्टी की बात करें तो यह 966.10 की गिरावट के साथ 8,624.05 अंक पर था. इस बीच, रुपया भी ऑल टाइम लो पर पहुंच गया है. डॉलर के मुकाबले यह 74.50 रुपया पर कारोबार करता दिखा.

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