राजधानी दिल्ली के मरकज बिल्डिंग में मौजूद 24 लोग पॉजिटिव निकले, 700 लोगों को क्वारैंटाइन किया गया – लॉकडाउन फेल!

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दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके मे एक धार्मिक आयोजन में हजारों लोग शामिल हुए। कई लोग मलेशिया और इंडोनेशिया , थाईलैंड समेत दूसरे देशों से आए लोग भी शामिल थे। वहीं, निजामुद्दीन के मरकज में शामिल हुए जिन लोगों के संक्रमित होने की आशंका है, उन्हें अस्पताल भेजा गया है। मरकज में लॉकडाउन से पहले मलेशिया और इंडोनेशिया और भारत के कई राज्यों के लोग आए थे। यह मरकज इस्लाम की शिक्षा का दुनिया का सबसे बड़ा केंद्र है जो थोड़ी ही दूर पर हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह है।
बता दें कि, राजधानी के निजामुद्दीन स्थित मरकज बिल्डिंग में मौजूद 24 लोग पॉजिटिव निकले हैं। यह जानकारी दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन ने दी। उन्होंने बताया कि सोमवार से अब तक 300 लोगों को अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। वहीं , 700 से 800 लोगों को क्वारैंटाइन किया गया है। उन्होंने कहा कि जब देश में लॉकडाउन था, उस वक्त इस तरह की गतिविधि करना अपराध है। जानकारी के मुताबिक, बिल्डिंग में दो हजार लोग मौजूद थे। इसकी जानकारी मिलने के बाद मंगलवार को जांच के लिए पुलिस पहुंची है। इलाके की ड्रोन से निगरानी की जा रही है। यहां तब्लीगी जमात के मरकज में 1 से 15 मार्च तक 5 हजार से ज्यादा लोग आए थे। 22 मार्च को लॉकडाउन की घोषणा के बाद भी यहां 2 हजार लोग ठहरे हुए थे। इनमें से 200 लोगों के कोरोना संक्रमित होने की आशंका है। इन्हें सर्दी, खांसी और जुकाम की शिकायत है।

मरकज के मौलाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज
यहां से 1200 लोगों को निकाला गया। दिल्ली सरकार ने पुलिस को मरकज के मौलाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। निजामुद्दीन के पूरे इलाके से इस मरकज की इमारत को अलग-थलग कर दिया गया है। वहीं, देर रात तेलंगाना सरकार ने बताया कि इस आयोजन में हिस्सा लेनेे वाले 6 लोगों की मौत हो गई है। हालांकि, इनकी मौत के दिन और वक्त की जानकारी नहीं दी गई है।

निजामुद्दीन का यह मरकज इस्लामी शिक्षा का दुनिया में सबसे बड़ा केंद्र है। यहां कई देशों के लोग आते रहते हैं। मरकज से कुछ ही दूर सूफी संत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह  है। लेकिन, इन दिनों यह बंद है।
इस बीच तेलंगाना सरकार ने अपील करते हुए लोगों से कहा कि जो लोग निजामुद्दीन मरकज के कार्यक्रम में शामिल हुए थे, उन्हें जांच के के लिए सामने आना चाहिए।

बता दे कि, तेलंगाना में सोमवार को 6 संक्रमितों की मौत हुई। ये सभी दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज के धार्मिक समारोह में शामिल हुए थे।, “दिल्ली के निजामुद्दीन में 13 से 15 मार्च के बीच जिन लोगों ने धार्मिक आयोजन में हिस्सा लिया था, उनमें से कुछ को कोरोना संक्रमित पाया गया है। इनमें से कुछ तेलंगाना के थे।” मरकज में रहने वाले ज्यादातर लोगों की उम्र 60 से ऊपर है। पुलिस ने बताया कि लॉकडाउन से पहले ही यहां से भीड़ हटाने के लिए प्रयास किए जा रहे थे। लोगों से अपील की जा रही थी। लेकिन, तब्लीगी मरकज में जमा लोगों ने बात नहीं सुनी। यहां रहने वाले लोगों में ज्यादातर लोगों की उम्र 60 साल से ऊपर है। 

बता दे कि, मरकज के आसपास के इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया है। पुलिस इस क्षेत्र की ड्रोन से निगरानी कर रही है।

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