सबके ऊपर इस देश की जनता का कर्ज: प्रियंका गांधी!

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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने गुरुवार को एक वीडियो संदेश जारी कर आपसी मतभेद भुलाकर सभी पार्टियों से सहयोग करने की अपील की। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि ऐसे वक्त में जब महाराष्ट्र की सरकार कोरोना जैसी भयंकर महामारी से लड़ रही है तो उसे सहयोग करने की जगह भाजपा सरकार को गिराने का प्रयास कर रही है।
प्रियंका गांधी ने कहा हर जरुरतमंद के अकाउंट में तुरंत 10 हजार रुपए डाले जाएं, ये एक मांग है हमारी। दूसरी मांग, कि अगले 6 महीनों के लिए, प्रतिमाह 7,500 रुपए जरुरतमंदो के अकाउंट में डाले जाएं, इसके साथ-साथ जो घर पहुंचे हैं, जो प्रवासी मजदूर घर पहुंच चुके हैं, गांव में पहुंच चुके हैं, उनके लिए, उनकी मदद के लिए मनरेगा के जो कार्य दिन हैं, वो सौ दिन से बढाकर दो सौ दिन किये जाएं। जो छोटे व्यापारी हैं, जो लॉकडाउन के असर से जूझ रहें हैं, जिनके पास दो महीनों से कोई बिजनेस नहीं है, जो छोटे दुकानदार हैं, बुनकर हैं, छोटे व्यापारी हैं, उनकी मदद के लिए सरकार कुछ करें। एक वित्तीय पैकेज दे, जिससे कर्ज न हो उन पर, जिससे उनके हाथों में भी पैसा आए, ताकि वो इस मुश्किल समय में अपना गुजारा कर पाएं।

उन्होंने कहा ये राजनीति का समय नहीं है। ये वो समय है, जब पूरा देश इकट्ठा होना चाहिए। जब हर राजनीतिक पार्टी के नेता, सबको इकट्ठा होकर अपने अलग-अलग राजनीतिक परहेजों को दूर करके अपने विचारधारा के जो डिफरेंसेज हैं, उनको दूर करके, हम सबको इकट्ठा होकर लोगों की मदद करनी है।

प्रियंका गांधी ने कहा कि यह मुश्किल वक्त है। सभी को देश की आमजनता की मदद करनी चाहिए। हमने यूपी के श्रमिकों की मदद के लिए एक हजार बसें भेजी लेकिन योगी सरकार ने उन्हें स्वीकार नहीं किया जबकि आपसी मतभेद भुलाकर जनता की मदद करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि हमने तो ऑफर दिया था कि भले ही बसों पर भाजपा के बैनर व पोस्टर लगा लें लेकिन उनका इस्तेमाल करें पर उन्होंने हमारी बात नहीं सुनी। महाराष्ट्र में कोरोना से सरकार लड़ रही है और आप सहयोग देने के बजाय उस सरकार को गिराने की कोशिश कर रहे हैं, उसको अस्थिर साबित करने की कोशिश कर रहे हैं।

प्रियंका गांधी ने देश के गरीबों व छोटे व्यापारियों व दुकानदारों के लिए चार मांगे रखीं। उन्होंने कहा कि सरकार हर जरूरतमंद को 10 हजार रुपये दे। अगले छह महीने के लिए श्रमिकों व गरीबों के खाते में हर महीने साढ़े सात हजार रुपये दिए जाएं। जो प्रवासी मजदूर वापस लौटे हैं उनके लिए मनरेगा के कार्यदिवस 100 से बढ़ाकर 200 किए जाएं। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के कारण व्यापार पूरी तरह बंद है। अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के लिए सरकार छोटे व्यापारी व दुकानदारों को वित्तीय पैकेज दे।

हम सबके ऊपर इस देश की जनता का कर्ज है। आप ऋणी हैं, हम ऋणी हैं। हमारे हर दुःख में, हर सुख में जनता ने हमारा साथ दिया है, आपका भी दिया है। आपकी विजय में आपका जय-जयकार किया, हमारी पराजय में हमारे साथ खड़े रहे। अपनी उदारता से हमेशा इस देश की जनता ने हमारा साथ दिया है। आज इस देश की जनता दुःखी, त्रस्त , तड़प रही है। उन्होंने कहा मैं आप सबसे आग्रह करती हूँ कि आप भी अपने स्तर पर किसी भी माध्यम से, फेसबुक से, ट्वीटर से, किसी भी माध्यम से आवाज उठाएं, ताकि न्याय मिले, ताकि जो दुखी हैं, जो त्रस्त हैं, जो परेशान हैं, हम उनकी मदद कर सकें।

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