पीएम मोदी ने सर्वदलीय बैठक में बताई कुछ अहम बातें, वहीं, पीएम मोदी के बयान पर लगातार राहुल गांधी सवालों से घेर रहे!

0
105

पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन की सेना के बीच हुई झड़प के बाद शुक्रवार को पीएम नरेन्द्र मोदी द्वारा सर्वदलीय बैठक बुलाई गई. इस बैठक में पीएम मोदी ने कई बात स्पष्ट करने की कोशिश की हैं. उन्होंने कहा कि न कोई भारतीय सीमा में घुसा है और न ही किसी ने भारतीय चौकियों पर कब्जा किया है. पीएम मोदी ने कहा कि सीमा पर 20 जवानों की शहादत से पूरा देश आहत है और गुस्से में है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत शांति और दोस्ती तो चाहता है लेकिन शायद की रक्षा भी सर्वोपरि है. उन्होंने कहा कि बलिदान देने वालों जवानों ने भारत की तरफ आंख उठाकर देखने वालों को सबक सिखाया है. इसके साथ ही सेना को उचित कदम उठाने की आजादी दे दी गई है. पीएम मोदी का यह बयान ऐसे समय आया है जब कहा जा रहा है कि चीनी सेना ने पैंगोंग त्सो और गलवान घाटी समेत पूर्वी लद्दाख के अनेक क्षेत्रों में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के भारतीय पक्ष की तरफ घुसपैठ की है. वहीं पीएम मोदी का यह बयान है कि भारतीय जवानों ने भारत की तरफ आंख उठाकर देखने वालों को ‘सबक’ सिखाया, चीन के हताहत हुए जवानों के संदर्भ में देखा जा रहा है.

पीएम मोदी ने इस बैठक में बताईं 10 अहम बातें

पीएम मोदी ने कहा कि न वहां कोई हमारी सीमा में घुसा हुआ है, न ही हमारी कोई चौकी किसी दूसरे के कब्जे में है सशस्त्र बल देश की रक्षा के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे. 

पीएम मोदी ने कहा एक तरफ सेना को जरूरी कदम उठाने के लिए छूट दी गई है. भारत ने कूटनीतिक तरीकों से चीन को अपने रुख से स्पष्ट रूप से अवगत करा दिया है.’

पीएम मोदी ने कहा भारत के पास आज इतनी क्षमता है कि कोई भी हमारी एक इंच जमीन की तरफ आंख उठाकर भी नहीं देख सकता. 

पीएम मोदी ने कहा भारतीय बलों को देश की रक्षा के लिए जो करना है, वो कर रहे हैं, चाहे सैनिकों की तैनाती हो, कार्रवाई हो या जवाबी कार्रवाई हो.

पीएम मोदी ने कहा हमारे नवनिर्मित बुनियादी ढांचों, खासतौर पर एलएसी पर निर्माणों की वजह से हमारी गश्त क्षमता बढ़ी है.

पीएम मोदी ने कहा सरकार ने भारत की सीमाओं को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी संरचना के विकास को प्राथमिकता दी है.

पीएम मोदी ने कहा लड़ाकू विमानों, आधुनिक हेलीकॉप्टरों, मिसाइल रक्षा प्रणाली और अन्य ऐसी जरूरतों के प्रावधान किये गये हैं. 

पीएम मोदी ने कहा व्यापार हो, कनेक्टिविटी हो या आतंकवाद निरोधक कार्रवाई हो, सरकार ने हमेशा बाहरी दबाव का डटकर सामना किया है.

पीएम मोदी ने कहा जिन क्षेत्रों पर पहले बहुत नजर नहीं रहती थी, अब वहां भी हमारे जवान अच्छी तरह से मॉनिटर कर पा रहे हैं, रिस्पांड कर पा रहे हैं. 

पीएम मोदी ने कहा अब तक जिनको कोई पूछता नहीं था, कोई रोकता-टोकता नहीं था, अब हमारे जवान डगर-डगर पर उन्हें रोकते हैं, टोकते हैं तो तनाव बढ़ता है.

वहीं, इस बीच गालवान घाटी में भारत-चीन सैनिकों के बीच हुई हिंसा को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर हैं. राहुल गांधी ने कुछ देर पहले एक ट्वीट कर एक बार फिर मोदी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने मोदी सरकार से सवाल पूछते हुए ट्वीट किया, ‘प्रधानमंत्री ने भारतीय क्षेत्र को चीन के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है. अगर जमीन चीन की थी तो हमारे जवान क्यों मारे गए. उन्हें किस जगह मारा गया.’

राहुल गांधी ने यह ट्वीट पीएम नरेंद्र मोदी PM Narendra Modi) के उस बयान के बाद दिया है, जिसमें प्रधानमंत्री ने कहा था, ‘न वहां (गालवान घाटी) कोई हमारी सीमा में घुसा हुआ है, न ही हमारी कोई पोस्ट किसी दूसरे के कब्जे में है. आज हमारे पास ये कैपेबिलिटी है कि कोई भी हमारी एक इंच जमीन की तरफ आंख उठाकर भी नहीं देख सकता है.’

इससे पहले राहुल गांधी ने ‘कौन जिम्मेदार है’ कैप्शन लिखते हुए अपने एक वीडियो में पूछा था, ‘भाइयों और बहनों, चीन ने हिंदुस्तान के शस्त्रहीन सैनिकों की हत्या करके एक बहुत बड़ा अपराध किया है. मैं पूछना चाहता हूं, इन वीरों को बिना हथियार खतरे की ओर किसने भेजा और क्यों भेजा. कौन जिम्मेदार है. धन्यवाद.’

Leave a Reply