राज्यसभा चुनाव में 19 सीटों पर क किस राज्य में क्या परिणाम रहा, यहां पूरा जानिए, वहीं पहली बार 43 उम्मीदवारों के उच्च सदन के सदस्य बनने के आसार!

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राज्यसभा की 19 सीटों के लिए शुक्रवार को जो मतदान हुआ, उसके परिणाम देखें तो बीजेपी को कोई फायदा नहीं हुआ है। राज्यसभा चुनाव खत्म होने के बाद एनडीए उच्च सदन में मजबूत होकर उभरी है। राज्यसभा में अब एनडीए के 101 सांसद हो गए हैं। हालांकि बहुमत के आंकड़े से वह अभी भी दूर है और राज्यसभा में बहुमत पाने के लिए एनडीए को अभी भी 22 सीटों की जरुरत है। वहीं कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए के पास 65 सांसद हैं। वहीं यूपीए को पांच सीटों पर जीत मिली है। भाजपा ने राज्यसभा में दो सीटें गवांयीं थी, जिनकी भरपाई उसने झारखंड और मणिपुर में एक-एक सीट जीतकर कर ली है।

राज्यसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद भाजपा की तरफ से ज्योतिरादित्य सिंधिया उच्च सदन पहुंचे हैं। वहीं विपक्ष से एचडी देवेगौड़ा, मल्लिकार्जुन खड़गे, दिग्विजय सिंह और शिबू सोरेन प्रमुख हैं।

बता दें, राज्यसभा के लिए हुए चुनाव में 43 उम्मीदवारों के पहली बार उच्च सदन के सदस्य बनने के आसार हैं। राज्यसभा के शोध प्रभाग के अनुसार कुल निर्वाचित होकर आने वाले सदस्यों में से पहली बार पहुंचे सदस्यों की संख्या 72 प्रतिशत हो सकती है। राज्यसभा सचिवालय के शोध प्रभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सिर्फ 12 सेवानिवृत्त सदस्य फिर से निर्वाचित हो रहे हैं जबकि सात ऐसे सदस्य निर्वाचित हुए हैं जो अतीत में सदस्य थे। इसके साथ ही राज्यसभा के सदस्यों का सामूहिक अनुभव केवल 63 कार्यकालों का रह जाएगा। बीस राज्यों की 61 सीटों के लिए 42 लोग पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं। इनमें 28 पहली बार उच्च सदन के सदस्य बन रहे हैं। शेष 19 रिक्त पदों के परिणाम शुक्रवार को घोषित किए जाएंगे। उनमें से 15 उम्मीदवारों के पहली बार राज्यसभा पहुंचने की संभावना है।

गुजरात में भाजपा ने चार में से तीन सीटों पर कब्जा जमाकर कांग्रेस से 2017 के राज्यसभा चुनाव में मिली हार का बदला चुका लिया है। वहीं मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस को एक सीट पर ही जीत मिली है। इससे पहले दोनों पार्टियों के गुजरात में दो दो सीट जीतने की उम्मीद थी लेकिन कांग्रेस के आठ विधायकों के इस्तीफे के बाद कांग्रेस को एक सीट का नुकसान उठाना पड़ा है।
बता दें कि 2017 के चुनाव में भाजपा के बलवंत सिंह राजपूत को हराकर कांग्रेस के अहमद पटेल ने करीबी मुकाबले में जीत दर्ज की थी। इस बार भाजपा ने अपनी रणनीति मजबूत करते हुए राज्य की चार में से तीन सीट पर जीत दर्ज की और कांग्रेस को जहां पहले दो सीटें मिलने की उम्मीद थी, वहां उसे एक सीट से ही संतोष करना पड़ा।

बता दें कि, गुजरात में राज्य सभा की चार सीटों के लिये मतों की गिनती में शुक्रवार को देरी हुई क्योंकि कांग्रेस की मांग थी कि निर्वाचन आयोग विभिन्न आधार पर भाजपा के दो मतों को अमान्य करार दे। नेता विपक्ष प्रकाश धनानी ने कहा कि कांग्रेस ने भाजपा विधायक केसरीसिंह सोलंकी और मंत्री भूपेंद्र सिंह चूडासमा द्वारा डाले गए मतों को रद्द करने की मांग की है। धनानी ने कहा, “जब तक मतगणना को लेकर हमारी शिकायतों को नहीं देखा जाता,मतगणना शुरू नहीं होगी। मतदान के बाद हमने अपनी आपत्ति यहां निर्वाचन आयोग के प्रतिनिधि को सौंपी।” एक वरिष्ठ अधिकारी ने हालांकि कहा कि निर्वाचन आयोग के पर्यवेक्षक ने विपक्षी दल की आपत्ति को खारिज कर दिया है और मामले पर अंतिम फैसले के लिये उसे आयोग के दिल्ली कार्यालय को संदर्भित किया है।

इस चुनाव में इन तीनों के अलावा कांग्रेस के उम्मीदवार वरिष्ठ दलित नेता फूल सिंह बरैया भी मैदान में थे, लेकिन वह हार गये। मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि इस चुनाव के लिए विधानसभा परिसर में शुक्रवार को मतदान हुआ था। इस चुनाव में कुल 206 मत पड़े। इनमें से दिग्विजय को 57 मत मिले, जबकि सिंधिया को 56, सोलंकी को 55 एवं बरैया को मात्र 36 मत प्राप्त हुए।

राजस्थान में कांग्रेस ने तीन में से दो सीटों पर जीत दर्ज की है। कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल और नीरज डांगी जीत दर्ज करने में कामयाब हुए। वहीं भाजपा के राजेंद्र गहलोत भी राज्यसभा पहुंचने में कामयाब रहे। हालांकि पार्टी के दूसरे उम्मीदवार ओंकार सिंह लखावत को हार का सामना करना पड़ा है।

मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी दो सीटें और कांग्रेस एक सीट जीत गई है। यहां से भाजपा के टिकट पर ज्योतिरादित्य सिंधिया और सुमेर सिंह सोलंकी राज्यसभा पहुंचे हैं। वहीं कांग्रेस के दिग्विजय सिंह एक सीट पर जीत दर्ज करने में कामयाब रहे। कांग्रेस के दूसरे उम्मीदवार फूल सिंह बरैया को हार का सामना करना पड़ा।

इससे पहले, मिजोरम में शुक्रवार को राज्यसभा की एक सीट के लिए हुए मतदान में भाजपा के एकमात्र विधायक ने मतदान में भाग नहीं लिया, जिसके चलते राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सहयोगी एमएनएफ की उम्मीदवारी त्रिकोणीय मुकाबले में फंस गई। इस पर मुख्यमंत्री जोरामथंगा ने कहा कि गठबंधन मुद्दों पर आधारित है और उनकी पार्टी को उभरते मामलों पर ‘हां अथवा नहीं’ कहने का अधिकार है।

राज्य में भाजपा विधायक के अलावा सभी विधायकों ने मतदान किया। एमएनएफ ने पार्टी की राष्ट्रीय कोर समिति के सदस्य के कंलालवेना को उम्मीदवार बनाया जबकि जोराम पीपुल्स मूवमेंट ने बी लालचानंजोवा और कांग्रेस के ललियनचुंगा को मैदान में उतारा है।

बात करे, मध्य प्रदेश की तो, मध्य प्रदेश में भाजपा विधायक ओमप्रकाश सकलेचा की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। साथ ही बात दे कि, सकलेचा शुक्रवार को राज्यसभा चुनाव में वोट डालने भी पहुंचे थे। अब उनके संपर्क में आने वाले विधायकों का टेस्ट किया जाएगा। इससे पहले कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे और वह राज्यसभा चुनाव में पीपीई किट पहनकर वोट डालने पहुंचे थे।

मध्य प्रदेश में भाजपा को दो सीटों पर और कांग्रेस को एक सीट पर जीत मिली है। वहीं राजस्थान में कांग्रेस को दो सीट और भाजपा को एक सीट पर जीत मिली है। आंध्रप्रदेश से राज्यसभा के चार सीटों पर सत्तारूढ़ वाइएसआर कांग्रेस ने जीत हासिल कर ली है। भाजपा के ज्योतिरादित्य सिंधिया, सुमेर सिंह सोलंकी और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह को जीत मिली है। दिग्विजय सिंह सबसे अधिक वोटों से चुने गए हैं। दिग्विजय लगातार दूसरी बार मध्यप्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं।

झारखंड की दो राज्यसभा सीटों में से एक सीट पर भाजपा जीत दर्ज करने में कामयाब रही। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश पहली बार राज्यसभा पहुंचे। वहीं दूसरी सीट पर जेएमएम नेता शिबू सोरेन ने जीत दर्ज की। मणिपुर की एक राज्यसभा सीट पर भाजपा उम्मीदवार जीते।

भाजपा और कांग्रेस के अलावा टीएमसी राज्यसभा चुनाव में अपनी चार सीटें पाने में कामयाब रही। टीएमसी के चार सांसद ही रिटायर हुए थे। इसी तरह एनसीपी दो सीटें, राजद दो सीटें और शिवसेना एक सीट पाने में कामयाब रही।

आंध्र प्रदेश की चारों राज्यसभा सीटों पर हुए चुनाव में सत्ताधारी वाईएसआर कांग्रेस ने जीत दर्ज की है।

वहीं मणिपुर में सत्तारुढ़ भाजपा के लिसेम्बा सानाजाओबा ने इकलौती सीट पर जीत दर्ज की है। 

राजस्थान में कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल व प्रदेश युवक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नीरज डांगी तथा भाजपा के राजेंद्र गहलोत निर्वाचित हुए हैं।

बता दे कि, राजस्थान में राज्यसभा चुनाव की वोटिंग के दौरान एक कांग्रेसी विधायक ने पीपीई किट में वोट डाला। दरअसल कांग्रेसी विधायक वाजिब अली हाल ही में ऑस्ट्रेलिया से लौटे थे और अपने घर में होम क्वारंटीन थे। चुनाव अधिकारी ने विधायक को पोस्टल बैलेट से वोट देने से मना कर दिया। जिसके बाद कांग्रेसी विधायक पीपीई किट पहनकर विधानसभा पहुंचे और अपना वोट दिया। भाजपा ने इसका विरोध किया है।

मेघालय डेमोक्रेटिक एलायंस (एमडीए) के उम्मीदवार डॉ. डब्ल्यू आर खरलुखी ने शुक्रवार मेघालय से कांग्रेस उम्मीदवार कैनेडी खैरेम को हराकर राज्यसभा सीट जीत ली।

कांग्रेस ने राजस्थान में राज्यसभा की दो सीटें जीतीं, एक भाजपा के खाते में गई। कांग्रेस के के. सी. वेणुगोपाल व नीरज डांगी तथा भाजपा के राजेंद्र गहलोत राजस्थान से राज्यसभा के नये सदस्य होंगे। राज्य से राज्यसभा की तीन सीटों के लिए शुक्रवार को हुए द्विवार्षिक चुनाव में इन तीनों ने जीत दर्ज की। भाजपा के दूसरे प्रत्याशी ओंकार सिंह लखावत थे, जो चुनाव हार गए।

सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस ने उम्मीद के मुताबिक आंध्रप्रदेश में राज्यसभा की चारों सीटों पर शुक्रवार को जीत हासिल कर ली । विधानसभा के सूत्रों के मुताबिक वाईएसआर कांग्रेस से उपमुख्यमंत्री पिल्ली सुभाष चंद्र बोस, मंत्री मोपिदेवी वेंकटरमन, उद्योगपति परिमल नाथवानी और रियल इस्टेट कारोबारी अयोध्या रामी रेड्डी विजयी रहे। सभी को 38-38 वोट मिले । संख्या नहीं होने के बावजूद मुकाबले में उतरी विपक्षी तेलगू देशम पार्टी के उम्मीदवार वर्ला रामैया को विधानसभा में 23 की संख्या रहने के बावजूद 17 वोट मिले।

बता दें कि, कांग्रेस ने पिछले साल अगस्त में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को यहां से राज्यसभा के लिए चुना था। भाजपा के राज्यसभा सदस्य विजय गोयल, नारायण पंचारिया व रामनारायण डूडी का कार्यकाल नौ अप्रैल को पूरा होने के बाद यह चुनाव हुए हैं। चुनाव पहले 26 मार्च को होना था, लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण महामारी को देखते हुए इसे टाल दिया गया।

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