COVID -19 के रोकथाम प्रयासों को लेकर राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में बिहार के कला संस्कृति साथ ही युवा विभाग प्रमोद कुमार के साथ करेंट रिव्यू ने गुफ्तगू की

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पूरा विश्व आज कोविड-19 जैसी महामारी से जूझ रहा है। भारत भी इस महामारी से अछूता नहीं रहा और ये वायरस तेजी से अपने पांव पसारता जा रहा है। कोरोना वायरस संक्रमित लोगों के आंकड़े जिस तरह से सामने आ रहे हैं उसको लेकर केन्द्र और राज्य सरकारें काफी गंभीरता बरत रहे हैं और हर संभव कोशिश की जा रही है कि कोरोना को जल्द से जल्द रोका जा सके। केन्द्र और राज्य सरकारें किस तरह से मिलकर काम कर रही हैं और क्या सावधानियां बरती जा रही हैं इसको लेकर करंट रिव्यू की प्रिंसिपल करेसपॉन्डेंट कोमल सुल्तानिया ने बात की बिहार के कला संस्कृति और युवा विभाग के मंत्री और मोतिहारी से भारतीय जनता पार्टी के विधायक प्रमोद कुमार से। आइये जानते हैं कोविड-19 जैसे गंभीर वायरस और उसकी रोकथाम के प्रयासों को लेकर क्या कहना है प्रमोद कुमार का।

करेंट रिव्यू – प्रमोद जी स्वागत है आपका करेंट रिव्यू में। हर तरफ कोविड-19 को लेकर चर्चा है। चीन की देन इस वैश्विक बीमारी ने पूरी दुनिया को संकट में ला खड़ा कर दिया है। भारत भी इससे अछूता नहीं रहा और यहां भी लॉकडाउन करना पड़ा। कैसे निपट रहे हैं इससे, क्या प्रयास हो रहे हैं बिहार में?

प्रमोद कुमार – ये एक वैश्विक बीमारी है और भारत ही नहीं पूरी दुनिया इस बीमारी की चपेट में आ रही है। मेरा मानना है कि जब भी किसी देश पर कोई गंभीर संकट आता है तो समस्त देशवासियों को मिलकर इस तरह के संकट का मुकाबला करना होता है और माननीय प्रधानमंत्री की अपील पर देश ने ऐसा करके भी दिखाया है। ठीक उसी तरह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार की जनता के हित के लिए कई अहम फैसले लिये हैं ताकि ये बीमारी बिहार को ज्यादा प्रभावित न कर सके।

करेंट रिव्यू – किस तरह के प्रयास किये हैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने और किन चीजों का ज्यादा ध्यान रखा है?

प्रमोद कुमार – नीतीश सरकार ने बिहारवासियों को लगातार जागरूक करने की कोशिश की है और बिहार के लोगों ने भी जिस तरह से अपने प्रदेश को कोविड-19 से बचाने के लिए एकजुटता दिखाई है इसके लिए जनता का विशेष आभार। क्योंकि अभी बिहार के 38 जिलों में से 28 जिलों में कोरोना से एक व्यक्ति भी चपेट में नहीं आया है। अगर प्रत्येक बिहारवासी इसी तरह से लॉकडाउन का पालन करती रही तो जल्द ही बिहार देश के लिए एक मिसाल पेश करेगा। नीतीशजी की कोशिश है कि बिहार के लोगों को ज्यादा से ज्यादा जागरूक किया जा सके इसके लिए मीडिया का सहारा लिया जा रहा है। मीडिया भी इस लड़ाई में हमारे साथ खड़ा है और भ्रमित करने वाली खबरों का पर्दाफाश करके उनका सच सामने ला रहा है जिससे लोगों को सच और झूठ का पता चल रहा है और सही सरकार के द्वारा दी जा रही सही जानकारी उन तक पहुंच पा रही है। सोशल मीडिया पर अक्सर भ्रमित करने वाली खबरों से जनता तक सरकारी सुविधाओं की सही जानकारी नहीं पहुंच पाती है और वो गुमराह होती है। इसलिए मौके पर जनता से अपील है कि वो इस बुरे दौर में संयम से काम ले और भ्रमित न हो। मैं बिहार की जनता को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि बिहार सरकार पूरी तरह से अपने प्रदेशवासियों की सुरक्षा के लिए सक्षम और तत्पर है।

करेंट रिव्यू – इस महामारी से बचने के लिए क्या सुझाव देना चाहेंगे आप।

प्रमोद कुमार – इस महामारी से बचने का एकमात्र रास्ता लॉकडाउन है। सरकारें तो अपना काम कर ही रही है लेकिन देश इस वैश्विक आपदा में अपनी जान जोखिम में डालकर काम करने वाले डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ, सफाईकर्मियों, पुलिस अधिकारियों और पुलिसकर्मियों, मीडियाकर्मियों, सुरक्षाकर्मियों के योगदान को कभी नहीं भुला सकता। मुझे पूरा यकीन है कि अगर हम सभी इसी तरह एकजुटता दिखाते हैं तो बिहार बाकी प्रदेशों के लिए एक मिसाल बनेगा। हालांकि ये इतना आसान भी नहीं है क्योंकि ज़रा सी चूक सब पर भारी पड़ सकती है।

करेंट रिव्यू – जी बहुत अच्छी बात कही आपने लेकिन मैं ये भी जानना चाहूंगी कि सरकार इस वैश्विक बीमारी में क्या कर रही है, किस तरह लोगों की मदद कर रही है। बातों और हकीकत में फर्क होता है और मैं चाहूंगी कि सच जनता तक पहुंचना चाहिए क्योंकि हर किसी को रोजगार प्रभावित हुआ है और लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल अपने परिवार के भरण-पोषण का है।

प्रमोद कुमार- जी, आपने बहुत अच्छी बात कही, आज लोगों के सामने सबसे बड़ी समस्या पेट भरने की है। सरकार ने कई कल्याणकारी योजनाएं चला रखी हैं। राज्य सरकार के द्वारा सभी गरीबों के बीच प्रति व्यक्ति को 7.5 किलो राशन ओर 1000 रुपए का वितरण हो रहा है। गैस के लिए 800 रुपए दिए जा रहे है। छात्रों की छात्रवृति भी दी जा रही हैं और पोशाक के लिए भी रुपए जा रहे हैं। हमारी माताओं, बहनों, दिव्यांगों और वृद्धाओं मिलने वाली पेंशन जारी है, सभी के खातों में समय से पेंशन पहुंचाई जा रही है। प्रत्येक किसानों के खाते में 2000 रुपए जा रहे है। जिन लोगों के राशन कार्ड किसी कारण से नहीं बन सके हैं उनके राशन कार्ड मुहैया कराने में प्रदेश सरकार लागातार प्रयासरत है। सही लोगों तक राशन कार्ड पहुंच सकें इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति की जांच प्रक्रिया का काम तेजी से जारी है। इसके साथ विभिन्न एनजीओ भी अपनी-अपनी तरह से लोगों तक सुविधाएं पहुंचाने में जुटी हुई हैं।

करेंट रिव्यू – कोरोना के खिलाफ शुरू हुई लड़ाई में पहले प्रयास में ऐसा लग रहा था कि भारत लड़ाई में जीत हासल कर लेगा लेकिन जमात के लोगों ने मरकज में जाकर इस लड़ाई में गंभीरता से अपनी भागीदारी नहीं निभाई। क्या आप भी कोरोना फैलाने के लिए जमात के लोगों को ही जिम्मेदार मानते हैं।

प्रमोद कुमार – जब भी कोई देश इस तरह के संकट से गुजरता है तो सभी को गंभीरता से अपनी भागीदारी धर्म और जात से ऊपर उठकर सुनिश्चित करनी होती है। अगर जमात के लोग ये मानते हैं कि अल्लाह हर जगह मौजूद है तो अपने घरों में रहकर भी उसकी इबादत कर सकते थे लेकिन जिस तरह से उनकी गंदी हरकतें और करतूतें सामने आईं उससे तो देश में यही संदेश गया कि ये खुद को हिंदुस्तान का नागरिक नहीं मानते। अगर जमात के लोग जान जोखिम में डालकर इलाज करने वाले डॉक्टरों पर जानलेवा हमला करते हैं, उन पर थूकते हैं, गंदी-गंदी गालियां देते हैं तो वो खुद सोचें कि देश में क्या संदेश जाएगा और वो अपनी जमात और बाकी कौम को क्या संदेश देंगे। मैं क्या पूरा देश देख रहा है कि जमात के लोगों ने आज देश को और भी गंभीर संकट में डाल दिया। हमारी भी जमात वालों से यही अपील है कि कोविड-19 के खिलाफ जिस तरह से बाकी धर्म के लोगों ने अपनी एकजुटता दिखाई है, वो भी दिखाएं और अपने लोगों को जागरूक करें कि अगर कोई कोरोना संक्रमित पाया जाता है तो वो खुद को कोरंटाइन करे और इसकी सूचना भी तुरंत मेडिकल स्टाफ तक पहुंचाएं। खतरा देश पर ही नहीं उनके अपने मासूमों पर और परिवार के लोगों के लिए भी है। क्या वो नहीं चाहते कि उनका परिवार भी सुरक्षित रहे। उन्हे भी संयम बरतना चाहिए और जांच में सहयोग करना चाहिए। आज डब्ल्यूएचओ भी भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के द्वारा कोरोना से लड़ाई में हो रहे प्रयासों की सराहना कर रहा है, ऐसे में जमात के लोगों की ये लापरवाही पूरे देश क्या दुनिया को संकट में डाल देगी।

करेंट रिव्यू – आप बिहार के पर्यटन मंत्री भी रहे हैं, ऐसे में बिहार की बात की जाए कुछ खास पर्यटन स्थल नहीं हैं। कैसे बढ़ावा मिलेगा प्रदेश में पर्यटन को और पर्यटक क्यों रुख करेंगे बिहार घूमने का।

प्रमोद कुमार- ये आपदा की घड़ी है ना कि अभी घूमने का मौका है। इस कोरोना वायरस से जीत लेंगे तब आगे विकास की बात करेंगे। अभी विकास की बात करना उचित नहीं है क्योंकि अभी पूरा देश संकट से जूझ रहा है। इस आपदा में 130 करोड़ की आबादी की जान बचाना, बिहार के 9 करोड़ लोगों को समुचित आहार मिले, चिकित्सा की व्यवस्था हो, इनके जीवन रक्षक पर कार्य हो यही हमारा कर्तव्य है और हमारा सर्वप्रथम विकास का कार्य है। कोरोना को हरा देंगे उसके पश्चात् पुल, पुलिया, पर्यटन, रोड, आदि और अन्य विकास की बात करेंगे।

करेंट रिव्यू – केन्द्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है, पीएम मोदी जी भी विकास में तेजी लाने की बात करते हैं ऐसे में बिहार के विकास की बात करना कुछ गलत तो नहीं है।

प्रमोद कुमार – जी, भविष्य की बात करना गलत नहीं है। परंतु जब पूरा देश संकट के दौर से गुजर रहा हो तो पहला उद्देश संकट को दूर करना होता है। जब लॉक डाउन खत्म होगा तो निश्चित तौर पर बिहार के विकास से जुड़े सवालों के जवाब भी दिये जाएंगे। अभी सरकार का उद्देश जन-जन तक राशन पहुंचाना है, जीवन रक्षकों की रक्षा करना है। प्रदेश सरकार स्वयं समर्थ संगठनों, राजनीतिक दलों, प्रशासन और ब्लॉक स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों, सरकारी कर्मचारियों से हमारी अपील है कि सभी कोरोना को हराने में एकजुटता दिखाएं, हम संकट से जरूर उबरेंगे। हम मिलकर कोरोना को हराएंगे भारत को जीताएंगे।

करेंट रिव्यू – प्रमोद जी जहां इस वक़्त पूरा देश कोरोना से लड़ रहा है, सभी केंद्र सरकार और राज्य सरकार अपनी-अपनी अहम भूमिका निभा रही है ऐसे में बिहार के पूर्व पर्यटन मंत्री होने और वर्तमान कला संस्कृति साथ ही युवा विभाग के नाते कौन सी अहम भूमिका निभा रहे है?

प्रमोद कुमार- हमलोग सीवान जिला के प्रभारी है और बेतिया जिला के दो प्रभार हमारे अंडर है। हमलोग अभी जिला अधिकारी, नीचे की अधिकारी और कर्मचारियों से बात करते है। अधिकारियों से प्रत्येक जानकारी प्राप्त करता हूं, किसी तरह की कमी को सुधारना ही कोशिश रहती है और अगर कोई लापरवाही करता है तो आगाह भी करता हूं। किसी भी समस्या का ऑनलाइन समाधान करते हैं। साथ ही दिल्ली में बीजेपी दफ्तर तक हर कार्य की सूचना पहुंचाई जाती है। लॉकडाउन के इस दौर में किसी को कोई तकलीफ न हो यही सरकार की सबसे बड़ी और अहम भूमिका है।

करेंट रिव्यू – कोरोना संकट से जूझ रहे देश के लोगों को आप क्या संदेश देना चाहेंगे।

प्रमोद कुमार – मैं आपके करेंट रिव्यू के माध्यम से एक छोटा सा संदेश देना चाहता हूं कि मरकज वालों को ईश्वर सद्बुद्धि क्योंकि उन्हीं के कारण देश में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ी है। मरकज के बाद कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ी है। और यह संख्या लगभग 30% बढ़ोतरी हुई है क्योंकि लॉकडाउन के बाद भारत ने कोरोना पर विजय प्राप्त कर लिया था। मैं आपके माध्यम से बोलना चाहूंगा कि जो भी मरकज में थे सबसे पहले अपना नाम और परिचय बता कर शीघ्र जांच करवाए और किसी के भी संपर्क में नहीं आए। खुद को क्वाराटाइन करे, डॉक्टर की निगरानी में रहे ताकि इस बीमारी को फैलने से रोक पाए और इलाज करने में सुविधा हो पाए।

करेंट रिव्यू से बात करने के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया, सर ईश्वर से प्रार्थना है कि संकट की इस घड़ी से और सरकार के इन अथक प्रयासों से हमारा देश और प्रदेश जल्द कोरोना जैसे गंभीर संकट से छुटकारा पाए।

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